एशिया को 2027 तक झेलना होगा महंगाई का दबाव, ADB की चेतावनी
एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बताया है कि विकासशील एशिया-प्रशांत क्षेत्र में महंगाई अब भी ऊंची बनी हुई है और इसमें जल्द कमी आने के आसार नहीं हैं।
बैंक का अनुमान है कि इस साल कीमतें 4.2 प्रतिशत बढ़ेंगी और अगले साल यह दर 3.5 प्रतिशत तक जा सकती है।
यह पिछले साल की 3 प्रतिशत की दर से काफी अधिक है, जो चिंता बढ़ा रहा है। इसी के साथ, ADB ने कच्चे तेल की कीमतों का अपना अनुमान भी बढ़ाकर 90 डॉलर (करीब 8,550 रुपये) प्रति बैरल कर दिया है। यह दिखाता है कि दुनियाभर में अभी भी दबाव बना हुआ है।
बढ़ती कीमतें एशिया-प्रशांत की ग्रोथ को खतरे में डाल रही हैं
बढ़ती कीमतें एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि के लिए एक बड़ा खतरा बन गई हैं। दुनिया भर में चल रहा तनाव और अल नीनो का असर इसकी मुख्य वजह है, जिसके चलते खाने-पीने की चीजें और ऊर्जा दोनों ही काफी महंगे हो गए हैं। ईरान, यमन और यूक्रेन जैसे देशों में जारी संघर्षों ने तेल और अनाज की आपूर्ति को और भी मुश्किल बना दिया है, जिससे लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। इन सब की वजह से पूरे क्षेत्र की आर्थिक रफ्तार थोड़ी धीमी हो रही है। अगर महंगाई इसी तरह बनी रहती है, तो भारत और वियतनाम जैसे देशों को अपनी आर्थिक नीतियों, खासकर ब्याज दरों को लेकर, कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। अभी तो सरकारें सब्सिडी देकर लोगों को बढ़ती कीमतों से थोड़ी राहत दे रही हैं, लेकिन उन अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह अब भी एक बड़ी चुनौती है जहां लोगों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ भोजन पर खर्च होता है।