बिजली की रिकॉर्ड मांग को पूरा करने के लिए अडाणी पावर बढ़ा रही उत्पादन क्षमता
देश में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग बढ़कर 272 गीगावॉट (GW) के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई है। इस मुश्किल वक्त में तापीय बिजली पर ही सबसे ज्यादा बोझ है। हालांकि, अडाणी पावर पीक आवर्स के दौरान लगभग 17 GW (कुल मांग का 6.4 फीसदी) बिजली की आपूर्ति करने में सफल रही।
अडाणी पावर के प्लांट लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका औसत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 77 फीसदी रहा, जो देश के राष्ट्रीय तापीय औसत से काफी अधिक है। कंपनी के पास देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का सिर्फ 3 फीसदी हिस्सा है।
करीब 2,000 अरब रुपये का निवेश करने की योजना
गर्मियों के लिए अडाणी पावर ने पहले से ही पूरी तैयारी कर ली थी। उन्होंने समय पर अपने संयंत्रों का रखरखाव किया और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग किया। इन तैयारियों की वजह से उनके प्लांट 96 फीसदी समय तक चालू रहे, जिससे मुश्किल परिस्थितियों में भी बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई।
गोड्डा प्लांट ने बांग्लादेश की आधारभूत बिजली जरूरतों का 10 फीसदी हिस्सा पूरा करके उसकी सहायता भी की। आगे की योजना बनाते हुए अडाणी पावर ने 2031-32 तक अपनी क्षमता को बढ़ाकर लगभग 42GW करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी 22 अरब डॉलर (करीब 2,000 अरब रुपये) का बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है, ताकि भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके।