अडाणी एंटरप्राइजेज को पूंजीकरण में हुआ 900 अरब रुपये से ज्यादा का घाटा
अडाणी एंटरप्राइजेज को जुलाई से अब तक अपने बाजार पूंजीकरण में करीब 10 अरब डॉलर (करीब 950 अरब रुपये) का नुकसान झेलना पड़ा है।
पहले शेयरों में जबरदस्त उछाल आई थी, लेकिन अब ये 20 फीसदी से भी ज्यादा गिर गए हैं। दरअसल, भारत और अमेरिका में कानूनी मुश्किलें सुलझने के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखी गई थी।
अब सभी की निगाहें कंपनी के आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। विश्लेषक उम्मीद कर रहे हैं कि कंपनी एक बार फिर मुनाफे की राह पर लौट सकती है।
निवेशकों की नजर हवाईअड्डों और कॉपर प्रोजेक्ट पर
निवेशक अडाणी के हवाईअड्डा कारोबार, कॉपर प्रोजेक्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डाटा सेंटर उपकरण बनाने के लिए जैबिल के साथ हुए संयुक्त उद्यम (VC) पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
इन सभी को कंपनी के लिए बड़े विकास के दांव के तौर पर देखा जा रहा है। अडाणी की हवाईअड्डा यूनिट ने हाल ही में अल्फा वेव ग्लोबल और टेमासेक होल्डिंग्स जैसे बड़े निवेशकों से एक अरब डॉलर जुटाए (करीब 95 अरब रुपये) थे। यह बात इस ओर इशारा करती है कि बढ़ते कर्ज और उधार लेने की बढ़ी हुई लागत के बावजूद भी इन पर निवेशकों का भरोसा कायम है।
निवेशकों को खास तौर पर जैबिल के साथ साझेदारी और हवाईअड्डे पर यात्रियों की संख्या से जुड़े अपडेट्स का इंतजार है क्योंकि यही चीजें शेयर की आगे की चाल तय करेंगी।