2027 में भारत से चावल निर्यात में आ सकती है 4 फीसदी की गिरावट
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के मुताबिक, 2027 तक भारत के चावल निर्यात में 4 फीसदी की कमी आ सकती है, जिससे यह 2.4 करोड़ टन पर पहुंच जाएगा।
इसकी मुख्य वजह टूटे और सफेद चावल की कम खेप भेजना है। साथ ही घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ने से निर्यात करना भी मुश्किल हो रहा है।
भारत दुनिया के लगभग आधे चावल का निर्यात करता है। ऐसे में इस कमी का मतलब है कि थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे देशों से कड़ी टक्कर मिल सकती है।
उत्पादन में आ सकती है 4.5 फीसदी की कमी
अल नीनो के कारण मौजूदा फसल वर्ष (2026-27) में भारत के चावल उत्पादन में करीब 4.5 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है। खासकर, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में धान की कम बुवाई इसका एक बड़ा कारण है।
इसके अलावा, सरकार चावल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत चावल जारी करने की योजना बना रही है।
इस कदम से घरेलू उपलब्धता बेहतर हो सकती है और सोना मसूरी और पोन्नी जैसी मशहूर किस्मों की बढ़ती लागत पर भी लगाम लग सकती है।