भारी उतार-चढ़ाव के बाद करीब 59 लाख रुपये पर स्थिर हुआ बिटकॉइन
बिटकॉइन की कीमत में 7 जुलाई को काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह 64,433 डॉलर (करीब 60 लाख रुपये) के ऊंचे स्तर से गिरकर करीब 61,000 डॉलर (करीब 57 लाख रुपये) पर पहुंच गया, लेकिन आखिर में 63,143.10 डॉलर (करीब 59 लाख रुपये) पर जाकर स्थिर हुआ।
बाजार में इस भारी हलचल की वजह एक बड़ी बिक्री थी। स्ट्रैटेजी नामक कंपनी ने 3,588 बिटकॉइन बेचे, जिनकी कीमत 21.60 करोड़ डॉलर (करीब 2,000 करोड़ रुपये) थी। इस बिक्री से निवेशकों में घबराहट फैल गई और उन्होंने भी बेचना शुरू कर दिया, लेकिन तुरंत ही खरीदार सक्रिय हुए और कीमतों को वापस ऊपर ले आए।
सोलाना ने हासिल की खास उपलब्धि
इस भारी उतार-चढ़ाव की वजह से करीब 50 करोड़ डॉलर (करीब 4,700 करोड़ रुपये) के लिक्विडेशन हुए। यह उन ट्रेडर्स के लिए खासा मुश्किल भरा रहा, जो लीवरेज पर कारोबार करते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर, बिटकॉइन कुछ घंटों तक भी 64,000 डॉलर (करीब 60 लाख रुपये) के ऊपर बना रहता है तो इसकी रफ्तार और तेज हो सकती है, लेकिन यह दोबारा 62,000 डॉलर (करीब 58 लाख रुपये) के नीचे गिरता है तो स्थिति चिंताजनक बन सकती है।
इस बीच, सोलाना ने एक सप्ताह में एक अरब लेन-देन का आंकड़ा पार कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जबकि एथेरियम स्थिर बना हुआ है, लेकिन इसे ऊपर जाने के लिए कुछ अवरोधक स्तरों को तोड़ना होगा। बिटकॉइन ETF से लगातार 8 सप्ताह से फंड बाहर निकल रहा है, जो दिखाता है कि निवेशक अभी सावधानी बरत रहे हैं। विश्लेषक फिलहाल, अहम सपोर्ट जोन के पास धीरे-धीरे खरीदारी करने की सलाह दे रहे हैं।