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300 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली सुपरकारों में क्यों होते हैं सिरेमिक ब्रेक?
सुरपकारों में सिरेमिक ब्रेक दिए जाते हैं

300 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली सुपरकारों में क्यों होते हैं सिरेमिक ब्रेक?

Apr 09, 2026
07:29 am

क्या है खबर?

रफ्तार के शौकीनों के लिए AMG और लेम्बोर्गिनी से लेकर पोर्शे की दमदार परफॉर्मेंस कारें आकर्षण का केंद्र रही हैं। इन कंपनियों की सुपरकारों में जितना ध्यान तेज गति पर दिया जाता है, उतनी तव्वजो इनकी सुरक्षा को मिलती है। यही कारण है कि इनका ब्रेकिंग सिस्टम भी सामान्य कारों की तुलना में अलग होता है। इनमें सिरेमिक ब्रेक मिलते हैं। आइये जानते हैं तेज गति वाली कारों में इन ब्रेक्स पर इतना भरोसा क्यों किया जाता है।

डिस्क ब्रेक 

क्या होते हैं डिस्क ब्रेक?

डिस्क ब्रेक एक गोलाकार धातु के बने पुर्जे होते हैं। प्रत्येक पहिये के पीछे एक डिस्क लगी होती है, जो एक धातु के क्लैम्पिंग मैकेनिज्म से जुड़ी होती है। डिस्क को ब्रेक रोटर भी कहा जाता है, पहिये के साथ घूमती है। जब ब्रेक पैडल दबाया जाता है तो हाइड्रोलिक फोर्स क्लैम्प (कैलिपर) रोटर को दबाता है, जिससे घर्षण के कारण कार की गति धीमी होती है। कैलिपर के अंदर लगे ब्रेक पैड रोटर के सीधे संपर्क में आते हैं।

अंतर 

सामग्री और निर्माण प्रक्रिया का होता है अंतर 

सामान्य कारों के डिस्क ब्रेक में रोटर्स आमतौर पर कास्ट आयरन के बने होते हैं, जो कीमत में सस्ता होता है। ये निर्माण में आसान, गर्मी को सोखने में काफी प्रभावित और वजन में भारी होते हैं। दूसरी तरफ सुपरकारों में सिरेमिक कंपोजिट ब्रेक (CCB) में सिरेमिक फाइबर से बने रोटर लगे होते हैं। इनका निमार्ण जटिल प्रक्रिया से होता है। उच्च दबाव और तापमान के साथ एल्यूमीनियम के कण मिलाए जाते हैं। इससे यह कठोर और जंगरोधी बनती है।

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शुरुआत 

इस कंपनी ने की थी शुरुआत 

पोर्श पहली कंपनी थी, जिसने घुमावदार इंटरनल कूलिंग चैनल्स वाली सिरेमिक कंपोजिट डिस्क विकसित की थी। इससे हवा का बहाव बेहतर होता है और गर्मी को बाहर निकालने में मदद मिलती है। सिरेमिक डिस्क स्टील रोटर्स की तरह छेददार होती हैं, लेकिन वजन में उनसे लगभग 50 प्रतिशत हल्की होती हैं। ये अत्यधिक तापमान को भी सहन करती हैं, ब्रेक फेड का प्रतिरोध करती हैं, काफी कम ब्रेक डस्ट उत्पन्न करती हैं और लंबे समय तक चलती है।

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जरूरी 

इस कारण लगाया जाता है सिरेमिक ब्रेक

सुपरकार की रफ्तार 300 किमी/घंटा और इससे ऊपर भी होती है। इन्हें रोकने के लिए तेज ब्रेकिंग की जरूरत होती है। इससे रोटर अत्यधिक गर्म हो जाता है, लेकिन सिरेमिक फाइबर इसे ज्यादा गर्म नहीं होने देता। इसकी जगह कास्ट आयरन का रोटर इस्तेमाल किया जाए तो वह ज्यादा गर्म होने पर ब्रेकिंग पावर को कम कर सकता है, जिससे गाड़ी नहीं रुकेगी। इसके अलावा कास्ट आयरन का रोटर जल्दी घिसकर खराब हो जाएगा।

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