फेरारी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के लिए नासा के साथ क्यों किया काम?
क्या है खबर?
फेरारी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए इटली की कार निर्माता ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ मिलकर काम किया है। यह साझेदारी इसलिए की गई, ताकि गाड़ी की रफ्तार यात्रियों के लिए बहुत तेज न हो। इसके अलावा केबिन को डिजाइन करने के लिए उसने ऐपल के पूर्व डिजाइन प्रमुख सर जॉनी इवे द्वारा स्थापित रचनात्मक समूह लवफ्रोम का सहयोग लिया है।
वजह
वैज्ञानिकों से इस मामले में मांगी मदद
ऑटोकार इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में फेरारी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इतनी तेज गति से रफ्तार पकड़ सकते हैं कि कभी-कभी यह हमारे दिमाग को विचलित कर देता है। इसलिए, कंपनी ने नासा के साथ काम करने के अलावा चिकित्सा अध्ययन भी किए। विग्ना के अनुसार, कार निर्माता यह पता लगाना चाहता था कि गति का वह कौनसा स्तर है, जो लोगों को असहज कर देता है?
रफ्तार
कितनी होगी कार की गति?
नासा और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श करने के बावजूद फेरारी लूसे तेज रफ्तार वाली कार होगी। अक्टूबर में कंपनी ने दावा किया था कि यह EV 986hp से अधिक पावर उत्पन्न करेगी और 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेगी, वहीं इसकी अधिकतम गति 309 किमी/घंटा होगी। इसमें 4 इलेक्ट्रिक मोटर और 122kWh की बड़ी बैटरी होगी। फेरारी लूसे में स्वतंत्र रियर-व्हील स्टीयरिंग और फेरारी पुरोसांग और F80 मॉडल्स से प्रेरित एक्टिव सस्पेंशन सिस्टम भी होगा।