भारत में क्यों महंगी होती हैं लग्जरी कारें? ज्यादा लागत ही नहीं यह भी है वजह
क्या है खबर?
वर्तमान में भारतीय बाजार में आने वाली ज्यादातर कारें कई जानदार फीचर्स के साथ आ रही हैं, जो आरामदायक होने के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से भी दमदार होती हैं। इसकी शुरुआती कीमत में 10 लाख रुपये से शुरू होती हैं, लेकिन लग्जरी कारों की कीमतें आज भी लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक जाती है। BMW और मर्सिडीज-बेंस से लेकर रोल्स रॉयस की कारें काफी महंगी होती हैं। आइये जानते हैं भारत में लग्जरी कारें महंगी क्यों होती है।
बिल्ड क्वालिटी
दमदार बिल्ड क्वालिटी के कारण ज्यादा होती है लागत
लग्जरी कारों की बिल्ड क्वालिटी साधारण गाड़ियों की तुलना में बेहतर होती है। आम कारों में ज्यादातर प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है, लेकिन इनमें लकड़ी, हाथ से सिला हुआ कीमती लेदर और चमकते हुए मेटल का उपयोग होता है। इनमें खास तरह के एकॉस्टिक ग्लास लगाए जाते हैं, जो बाहर के शोर, हॉर्न और ट्रैफिक की आवाज को अंदर नहीं आने देते। इसके अलावा इन गाड़ियों में मिलने वाले कस्टमाइजेशन विकल्प भी इन्हें महंगा बनाते हैं।
फीचर्स
आरामदायक सुविधाएं बनाती है महंगा
इन गाड़ियों में आरामदायक सफर के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। इनकी सीटों में मसाज का फंक्शन होता है, जो चलते-फिरते आपकी थकान दूर करता है, वहीं मेमोरी फंक्शन सीट को ऑटोमैटिक एडजेस्ट करने की सुविधा देता है। इन कारों में बड़ी HD स्क्रीन होती हैं, जो देखने में बहुत शानदार लगती हैं। इन कारों में 360 डिग्री कैमरे सहित कई सेंसर्स लगे होते हैं, जो सड़क पर हर खतरें को भांप लेते हैं। ये सुविधाएं लागत बढ़ाती हैं।
टेक्स
भारी भरकम लगता है टैक्स
भारत में बिकने वाली लग्जरी कारों की कीमत अधिक होने की बड़ी वजह इन पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स हैं। पिछले साल सितंबर से लग्जरी कारों पर लगने वाली GST को 28 से बढ़कर 40 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा कंपलीट बिल्ट यूनिट (CBU) के रूप में आयात की जाने वाली गाड़ियों पर 110 फीसदी तक आयात शुल्क लगता है। इस कारण विदेशों से भारत आने वाली गाड़ियां काफी महंगी हो जाती हैं।