शोरूम से निकलते ही कार की हो जाए टक्कर तो कौन कराएगा ठीक?
क्या है खबर?
कुछ ऐसे मामले सामने आए जब नई कार शोरूम से बाहर निकलते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कई बार हादसा इतना खतनाक होता है कि गाड़ी पूरी तरह से डैमेज हो गई। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जो गाड़ी अभी शोरूम से बाहर भी नहीं निकली थी उसके डैमेज का खर्च कौन उठाएगा? इसकी मरम्मत का खर्च बीमा कंपनी देगी या शोरूम मालिक देगा या गाड़ी मालिक पर इसका बोझ पड़ेगा। आइए जानते हैं क्या नियम क्या कहते हैं।
नियम
क्या कहते हैं नियम?
भारत में कार खरीदते समय एक बहुत अहम बात हैंडओवर होती है। जैसे ही इसका बीमा हो जाता है और डिलीवरी कागजों पर साइन हो जाती हैं। उसी पल से कार की कानूनी जिम्मेदारी मालिक के पास चली जाती है। इसके बाद भले ही गाड़ी शोरूम के गेट के अंदर हो या 10-मीटर ही चली हो कानून की नजर में वह अब आपकी कार है। ऐसे में किसी भी नुकसान के लिए शोरूम मालिक जिम्मेदार नहीं होता है।
भरपाई
यहां से होगी नुकसान की भरपाई
शोरूम मालिक वर्तमान में बिना बीमा किए कार की डिलीवरी ही नहीं करते हैं। ज्यादातर डीलर जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस कराते हैं। इस बीमा का मतलब पार्ट्स की कीमत में कोई कटौती नहीं होगी। इसमें छोटी खरोंच से लेकर बड़े एक्सीडेंट तक कवर शामिल होते हैं। इसमें ग्राहकों को केवल फाइल चार्ज या डिडक्टिबल अमाउंट देना होता है। इसलिए, अगर शोरूम से निकलते ही कार की टक्कर हो जाएं तो उसका डैमेज बीमा में कवर हो जाता है।
शोरूम
शोरूम की भी होती है जिम्मेदारी
डिलीवरी से पहले शोरूम का स्टाफ गाड़ी चला रहा था। टेस्ट ड्राइव एरिया सुरक्षित नहीं था। कोई तकनीकी लापरवाही थी तो ऐसी स्थितियों में जिम्मेदारी शोरूम पर भी आ सकती है। इस दुर्घटना में अगर शोरूम की दीवार, गेट, कांच, खंभा, फर्श को कोई नुकसान होता है तो यह कार के बीमा में कवर नहीं होता है। ऐसे में यह खर्चा मालिक जेब से भरना पड़ सकता है। कुछ शोरूम में इस नुकसान की भरपाई प्रोपर्टी बीमा से होती है।