3 प्रकार के होते हैं इंजन ऑयल, जानिए आपकी गाड़ी के लिए कौन-सा होगा बेहतर
क्या है खबर?
गाड़ी के इंजन को लंबे समय तक सही रखने में इंजन ऑयल की बड़ी भूमिका होती है। यह इंजन के अंदर चलने वाले पार्ट्स को चिकनाई देता है और घर्षण कम करता है। सही ऑयल न होने पर इंजन जल्दी गर्म हो सकता है और पार्ट्स घिस सकते हैं। बाजार में कई तरह के इंजन ऑयल मिलते हैं, लेकिन हर गाड़ी के लिए एक जैसा ऑयल सही नहीं होता। इसलिए सही विकल्प चुनना बेहद जरूरी फैसला माना जाता है।
प्रकार
इंजन ऑयल के तीन मुख्य प्रकार
बाजार में इंजन ऑयल के तीन मुख्य प्रकार (मिनरल ऑयल, सेमी-सिंथेटिक ऑयल और फुली सिंथेटिक ऑयल) होते हैं। मिनरल ऑयल कच्चे तेल से सीधे तैयार किया जाता है और आमतौर पर पुराने इंजनों में इस्तेमाल होता है। सेमी-सिंथेटिक ऑयल में मिनरल और सिंथेटिक दोनों का मिश्रण होता है। वहीं फुली सिंथेटिक ऑयल पूरी तरह केमिकल प्रक्रिया से तैयार होता है और आधुनिक इंजनों के लिए खास तौर पर बनाया जाता है।
ऑयल
किस गाड़ी के लिए कौन-सा ऑयल बेहतर?
अगर आपकी गाड़ी पुरानी है और रोजमर्रा के सामान्य उपयोग में आती है तो मिनरल ऑयल भी काम चला सकता है। नई गाड़ियों और हाई परफॉर्मेंस इंजन के लिए सेमी या फुली सिंथेटिक ऑयल बेहतर माना जाता है। सिंथेटिक ऑयल ज्यादा तापमान में भी स्थिर रहता है और इंजन को बेहतर सुरक्षा देता है। लंबी दूरी चलाने वालों, ट्रैफिक में फंसने वाली गाड़ियों और ज्यादा स्पीड पर चलने वाले वाहनों के लिए भी यह ज्यादा भरोसेमंद विकल्प साबित होता है।
फुली सिंथेटिक
फुली सिंथेटिक क्यों माना जाता है बेहतर?
फुली सिंथेटिक ऑयल इंजन को ज्यादा साफ रखता है और कार्बन जमा होने से बचाता है। यह कम तापमान में भी आसानी से बहता है और स्टार्टिंग को स्मूथ बनाता है। हालांकि, इसकी कीमत ज्यादा होती है, लेकिन लंबे समय में यह इंजन की लाइफ बढ़ाने में मदद करता है। इसके साथ ही, इंजन की आवाज कम करता है, माइलेज सुधारता है और सर्विस के बीच का अंतर भी थोड़ा बढ़ाने में सहायक माना जाता है।