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कौनसा ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन आपके लिए रहेगा सही? जानिए कितने होते हैं विकल्प
ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन कार चलाना आसान बनाता है

कौनसा ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन आपके लिए रहेगा सही? जानिए कितने होते हैं विकल्प

Apr 12, 2026
06:19 pm

क्या है खबर?

आपने कारों में ट्रांसमिशन के लिए मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के बारे में सुना होगा, जो इंजन की पावर को टायरों तक भेजता है। मैनुअल कारों में स्पीड के हिसाब से गियर बदलना पड़ता है, जबकि ऑटोमैटिक कारों में गियर नहीं लगाना पड़ता और इन्हें चलाना भी बेहद आसान है। ऑटोमैटिक गियरबाॅक्स में कई तरह के आते हैं, जिनमें से चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। आइये जानते हैं ये ऑटोमैटिक गियरबॉक्स कितने प्रकार के होते हैं।

ऑटोमैटिक गियरबॉक्स 

क्या होते हैं ऑटोमैटिक गियरबॉक्स?

ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों में क्लच नहीं दिया जाता है। ये सिर्फ एक्सेलरेटर और ब्रेक के साथ आती हैं। इनमें बहुत ही आसान गियरबॉक्स दिया जाता है, जिसमें 4- पार्क मोड, रिवर्स मोड, न्यूट्रल मोड और ड्राइव मोड मिलते हैं, जिनकी मदद से आप इस कार को चला सकते हैं। आपको बस मोड सेलेक्ट करके गाड़ी को एक्सेलरेटर करना है। इसके बाद गाड़ी खुद ही सेलेक्ट कर लेती है कि उसे किस स्पीड में चलना है।

#1

टॉर्क कन्वर्टर

टॉर्क कन्वर्टर को सबसे पुराना, ज्यादा इस्तेमाल होने वाला और भरोसेमंद ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन माना जाता है, जो शुरुआत से ही भरपूर टॉर्क प्रदान करते हैं, जिससे तेज और सुचारू एक्सीलरेशन संभव होता है। यह थोड़े महंगे होते हैं, लेकिन इनकी परफॉरमेंस सबसे अच्छी होती है। इनकी वजह से तेल की खपत भी कम होती है। टॉर्क कन्वर्टर से जुड़ा पंप गियरबॉक्स के चारों ओर ट्रांसमिशन फ्लुइड भेजता है और पंखे को घुमाता है, जिससे गियर बदलने में मदद मिलती है।

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#2

ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT)

ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) के गियर और क्लच की बनावट लगभग मैनुअल ट्रांसमिशन जैसी है। इसमें एक एक्चुएटर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) का उपयोग किया जाता है, जो इंजन की विशिष्ट गति पर गियर बदलने का निर्धारण करते हैं। AMT में एक सेलेक्टर स्टिक होती है, जिसका उपयोग आपको ड्राइव मोड चुनने के लिए करना होता है। एक बार यह चालू हो जाने पर AMT अपने आप क्लच दबाकर गियर बदल देगा। यह सबसे किफायती विकल्प है।

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#3

कंटीन्यूअसली वेरिएबल ट्रांसमिशन (CVT)

कंटीन्यूअसली वेरिएबल ट्रांसमिशन (CVT) एक विशेष ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन सिस्टम है, जो पुली सिस्टम का उपयोग करती है। इसमें 2 V-आकार की पुली का इस्तेमाल किया है, जो ड्राइव बेल्ट से जुड़ी हैं। जैसे-जैसे पुली घूमती हैं, एक ECU आवश्यकतानुसार उनके व्यास को बदलता है, जिससे अनगिनत गियर अनुपात प्राप्त होते हैं। CVT बहुत कुशल है, क्योंकि यह वाहन की गति में बदलाव के दौरान इंजन के RPM को स्थिर बनाए रखता है। यह शहरी ड्राइविंग के लिए उचित विकल्प है।

#4

ड्यूल क्लच ट्रांसमिशन (DCT)/डायरेक्ट शिफ्ट गियरबॉक्स (DSG)

DCT या DSG में गियर बदलने के लिए 2 क्लच का उपयोग किया जाता है। इसमें एक क्लच सम संख्या (2, 4, 6) वाले गियर को और दूसरा विषम संख्या (1, 3, 5) वाले गियर को नियंत्रित करती है। जब पहला गियर लगा होता है तो सम क्लच उपयोग में होता है और दूसरे गियर के दौरान विषम क्लच काम करता है। यह प्रक्रिया तेज होती है। तेज गियर शिफ्टिंग और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए यह विकल्प चुनना चाहिए।

#5

इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन (iMT)

इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन (iMT) की पेशकश सबसे पहले हुंडई ने अपनी कुछ चुनिंदा कार के पेट्रोल वेरिएंट में की थी। इसमें क्लच ऑटोमैटिक रूप से संचालित होता है और ड्राइवर को अपशिफ्ट या डाउनशिफ्ट की स्थिति में गियर लीवर को मैनुअल रूप से संचालित करना होता है। iMT में एक एक्चुएटर लगा होता है, जो गियर स्टिक को घुमाने पर सेंसर से मिले इनपुट के आधार पर क्लच को सक्रिय करता है। यह बेहतर माइलेज के लिए अच्छा विकल्प है।

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