कार के पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर से हो सकती है परेशानी, जानिए क्या है इसके नुकसान
क्या है खबर?
वर्तमान में आने वाली कारों में पुश स्टार्ट-स्टॉप एक आम फीचर बन गया है। यह छोटी हैचबैक कार से लेकर SUV जैसी बड़ी कारों में भी देखने को मिलता है। कार को स्टार्ट और बंद करने के लिए चाबी घुमाने की बजाय आपको बस एक बटन दबाना होता है। यह सुविधा आधुनिक और प्रीमियम लगती है, लेकिन ज्यादातर फीचर्स की तरह इसमें भी कुछ खामियां हैं। आइये जानते हैं फीचर के फायदे और नुकसान क्या हैं।
फायदा
क्या है इस फीचर का फायदा?
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको हर बार चाबी ढूंढने की जरूरत नहीं है। कार बैठिए, क्लच दबाइए और बटन दबाकर कार स्टार्ट कर आगे बढ़ सकते हैं। शहर के ट्रैफिक में यह बहुत मददगार साबित होता है। यह एक तरह से अतिरिक्त सुरक्षा भी प्रदान करता है, क्योंकि कार तभी स्टार्ट होती है, जब की-फोब पास में हो। इससे कार की चोरी मुश्किल हो जाती है। साथ ही इग्निशन सिस्टम में टूट-फूट भी नहीं होती।
नुकसान
अक्सर हो जाती है यह भूल
जहां एक तरफ पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर के कई फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसकी एक आम समस्या है इंजन बंद करना भूल जाना। इसमें चाबी नहीं होती, ऐसे में चालक को लगता है कि कार बंद है। शोर पैदा नहीं करने वाली इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों में यह समस्या आम होती है। लागत अधिक होने के कारण की-फोब खोने पर तगड़ा नुकसान होता है। वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद सिस्टम से संबंधित मरम्मत महंगी होती है।
परेशानी
बीच रास्ते आ सकती है परेशानी
कार की बैटरी कमजोर या खराब हो गई है, तो पुश स्टार्ट सिस्टम काम करना बंद कर सकता है। इसके अलावा की-फोब की बैटरी खत्म होने पर भी कार स्टार्ट करने में दिक्कत आती है। यह समस्या ऐसी जगह आ जाए, जहां बैटरी की व्यवस्था न हो तो कार स्टार्ट करना मुश्किल हो जाता है। इससे दरवाजों को लॉक-अनलॉक भी नहीं किया जा सकता। इस फीचर से लैस मॉडल के लिए ज्यादा कीमत भी चुकानी पड़ती है।