क्या होते हैं एयरलेस टायर? जानिए इसके फायदे और नुकसान
क्या है खबर?
वाहनों में टायर काफी अहम पार्ट होता है। टायर पंक्चर होने पर हवा निकलते ही बीच सफर में मुश्किल पैदा हो जाती है। समय के साथ तकनीक में बदलाव आने के साथ ट्यूबलेस टायर आने लगे, लेकिन पंक्चर की समस्या से फिर भी निजात नहीं मिली। अब इसमें एक नई एडवांस तकनीक के साथ एयरलेस टायर्स आ रहे हैं। ये सुरक्षा, बेहतर परफॉर्मेंस और कम मेंटेनेंस के साथ आते हैं। आइये जानते हैं एयरलेस टायर्स कैसे काम करते हैं।
खासियत
ऐसे बने होते हैं ये टायर
एयरलेस टायर्स की सबसे खास बात यह है कि इनमें हवा भरवाने की जरूरत ही नहीं होती है। इनमें टायर पंक्चर होने या ब्लास्ट होने का खतरा नहीं रहता। इनमें हवा की जगह पर खास डिजाइन किए गए रबस स्पोक्स और बेल्ट का इस्तेमाल होता है, जो टायर को मजबूती और शेप देने का काम करते हैं। इनका इंटीरियर स्ट्रक्चर बाहर से दिखाई देता है, जिससे लुक आकर्षक होता है। ये लॉन्ग ड्राइव और ऑफ-रोड के लिए बेहतर विकल्प हैं।
कीमत
कितनी है इन टायर्स की कीमत?
सबसे किफायती एयरलेस टायर्स की कीमत करीब 10,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच है। इसकी कीमत साइज, क्वालिटी और ब्रांड के अनुसार बदलती है। दूसरी तरफ, भारत में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले ट्यूबलैस टायर्स की कीमत 1,500 रुपये से 60,000 रुपये तक जाती है। एयरलेस टायर्स की कीमत वर्तमान में ट्यूबलेस टायर्स से कई गुना ज्यादा है। ये पूरी तरह से मेंटेनेंस-फ्री होते हैं। इसमें बार-बार मरम्मत करने की जरूरत नहीं पड़ती।
नुकसान
इन टायर्स के नुकसान
एयरलेस टायर्स मजबूत होते हैं और खराब सड़कों पर झटके सहन कर लेते हैं, लेकिन वाहन में बैठे यात्रियों को झटके महसूस होते हैं। इन टायर्स का सड़क से ज्यादा संपर्क होता है, जिससे गाड़ी को आगे बढ़ाने में ज्यादा मेहनत लगती है। इसकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है, वहीं पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में माइलेज कम हो सकता है। सड़क से लगातार रगड़ होने पर गाड़ी चलाते समय ज्यादा कंपन महसूस हो सकता है।