
टोयोटा कारों का बढ़ गया वेटिंग पीरियड, जानिए क्या है कारण
क्या है खबर?
कार निर्माता टोयोटा के हाइब्रिड मॉडल्स की बढ़ती मांग के कारण आपूर्तिकर्ताओं को तालमेल बिठाने में कठिनाई हो रही है। इस कारण पुर्जों की कमी हो रही है।
इससे हाइब्रिड कारों का वेटिंग पीरियड बढ़ गया है, जिससे कार खरीदारों को डिलीवरी के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, जापान, चीन, भारत और यूरोप सहित प्रमुख बाजारों में कार निर्माता के डीलर्स के पास हाइब्रिड कारों का स्टॉक कम है।
बढ़ोतरी
5 सालों में इतनी बढ़ी हाइब्रिड कारों की बिक्री
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मांग में उछाल हाइब्रिड कार में प्रमुख खिलाड़ी टोयोटा के लिए एक चुनौती पेश करता है।
LMC ऑटोमोटिव के आंकड़ों के अनुसार, प्लग-इन मॉडल सहित हाइब्रिड वाहनों की वैश्विक बिक्री पिछले 5 सालों में 57 लाख से लगभग 3 गुना बढ़कर 161 लाख हो गई है।
रिपोर्ट में साक्षात्कार के आधार पर हाइब्रिड माॅडल्स की सप्लाई चेन को प्रभावित करने वाली बाधाओं के बारे में बताया है।
वेटिंग पीरियड
कितना है गाड़ियों का वेटिंग पीरियड?
टोयोटा के यूरोपीय ग्राहकों को नई हाइब्रिड कारों के लिए औसतन 60 से 70 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जो 2020 की तुलना में लगभग दोगुना है।
जापान में खरीदार कई मॉडल्स के लिए 2-5 महीने तक इंतजार कर रहे हैं। भारतीय बाजार में टोयोटा कारों के लिए 2-9 महीने के बीच वेटिंग पीरियड है।
टोयोटा ने कहा है कि हाइब्रिड की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश की जा रही है।