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टाटा और स्टेलेंटिस के बीच हुआ नया समझौता, जानिए क्या है इसका उद्देश्य
टाटा और स्टेलेंटिस के बीच नया MOU हुआ है

टाटा और स्टेलेंटिस के बीच हुआ नया समझौता, जानिए क्या है इसका उद्देश्य

Feb 10, 2026
03:09 pm

क्या है खबर?

टाटा मोटर्स और वैश्विक ऑटोमोटिव क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्टेलेंटिस ने भारत और विदेशों में विनिर्माण, इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों कंपनियों ने अपने संयुक्त उद्यम फिएट इंडिया ऑटोमोबाइल्स (FIAPL) की 20 वर्ष की साझेदारी पूरे होने के उपलक्ष्य में यह समझौता किया है। टाटा और स्टेलेंटिस दोनों पुणे के पास रंजंगांव में स्थित एक साझा निर्माण प्लांट में काम करती हैं।

उपयोग 

दोनों कंपनियाें को क्या होगा फायदा?  

समझौते के तहत दोनों कंपनियां भारत और विदेशों में सहयोग के अवसरों का मूल्यांकन करेंगी। इसके तहत स्टेलेंटिस की वैश्विक विनिर्माण, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता और टाटा की स्थानीय बाजार क्षमताओं का लाभ उठाया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक ऑटोमोबाइल निर्माता अपने विनिर्माण क्षेत्रों और सप्लाई चेन का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं, क्योंकि भारत घरेलू बिक्री और निर्यात दोनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।

FIAPL

प्लांट में हर साल बन रहीं 2 लाख से ज्यादा गाड़ियां

FIAPL के माध्यम से संचालित इस साझेदारी ने अपनी स्थापना के बाद से 13.7 करोड़ से अधिक कारों का उत्पादन किया है और वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 2.22 लाख वाहनों का निर्माण करती है। इसमें लगभग 5,000 लोग कार्यरत हैं और पुणे के निकट रंजंगांव में वाहन और पावरट्रेन प्लांट संचालित है। यहां जीप के 4 मॉडल और टाटा मोटर्स की 3 कारों काे बनाया जाता है। प्लांट से जापान और दक्षिण अफ्रीका जैसे बाजारों में निर्यात भी होता है।

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