स्टेलेंटिस ने सिट्रॉन इंडिया प्लांट में खरीदा पूरा मालिकाना हक, अब उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
क्या है खबर?
स्टेलेंटिस ने स्टेलेंटिस ऑटोमोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SAIPL) में सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान मोटर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HMFCL) की बची हुई हिस्सेदारी खरीद ली है। इसके साथ ही उसने इस संयुक्त उद्यम (JV) और तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में स्थित सिट्रॉन के असेंबली प्लांट का 100 फीसदी मालिकाना हक हासिल कर लिया है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के जरिए हुए इस लेन-देन से स्टेलंटिस और सीके बिड़ला ग्रुप के बीच 2017 में शुरू हुआ JV पूरा हो गया है।
लक्ष्य
उत्पादन 160 फीसदी बढ़ाने की योजना
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब स्टेलेंटिस उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जबकि भारत में उसकी कार ब्रांड्स की घरेलू बिक्री अभी भी कम बनी हुई है।
इस अधिग्रहण के साथ ही कंपनी का लक्ष्य 2028 तक तिरुवल्लूर में सालाना उत्पादन को 160 फीसदी से ज्यादा बढ़ाकर 43,000 से ज्यादा करना है।
इसके साथ ही अपने कर्मचारियों की संख्या को दोगुने से भी ज्यादा करने की योजना भी है।
प्लांट
प्लांट में इन गाड़ियों का होता है निर्माण
स्टेलंटिस और सीके बिड़ला ग्रुप के बीच 2017 में शुरू हुए संयुक्त उद्यम ने ही फ्रेंच कार निर्माता सिट्रॉन को भारतीय बाजार में उतारा था।
इस साझेदारी के तहत तिरुवल्लूर में गाड़ियों की असेंबली 2021 में शुरू हुई।
यह प्लांट सिट्रॉन C3, eC3, C3 एयरक्रॉस और बेसॉल्ट बनाता है, जो घरेलू मांग और निर्यात दोनों जरूरतों को पूरा करते हैं। यह 4 महाद्वीपों के 8 निर्यात बाजारों को सर्विस देता है।