दुर्घटना के बाद भी नहीं मिलेगा कार का बीमा क्लेम, जानिए क्या हैं इसकी वजह
क्या है खबर?
जब आपकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होती है तो उसमें हुए नुकसान की भरपाई के लेकर पहला ध्यान बीमा क्लेम पर ही जाता है। इसके लिए ही आप हर साल प्रीमियम भरते हैं, जिससे मुसीबत के समय आर्थिक मदद मिल सके। कई बार जरूरत के बावजूद आपका क्लेम खारिज हो जाता है, जिसके पीछे की वजह छोटी-छोटी गलतियां या नियमों की अनदेखी होती है। आइए जानते हैं किन-किन कारणों से आपकी दुर्घटनाग्रस्त कार का बीमा क्लेम अटक सकता है।
गलती
कभी न करें ये गलतियां?
बिना ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइविंग: दुर्घटना के समय गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) नहीं है तो क्लेम खारिज हो जाएगा। इसके अलावा, अगर लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है या उस श्रेणी का नहीं है, जिसकी गाड़ी आप चला रहे हैं तो भी नुकसान उठाना पड़ेगा। शराब का सेवन: एक्सीडेंट के समय चालक शराब या किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में था तो कानून और बीमा के नियमों के तहत क्लेम तुरंत खारिज कर दिया जाता है।
अनदेखी
ये अनदेखी पड़ सकती हैं भारी
गलत इस्तेमाल: अगर, आपकी गाड़ी निजी इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड है, लेकिन आप उसका इस्तेमाल टैक्सी के तौर पर, सामान की डिलीवरी के लिए करते हैं तो एक्सीडेंट होन पर कंपनी क्लेम पास नहीं करेगी। गाड़ी में बदलाव: कई लोग गाड़ी का लुक बदलने के लिए मॉडिफिकेशन कराते हैं, जिनमें से कई अवैध माने जाते हैं। इसके अलावा वैध मॉडिफिकेशन की जानकारी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) और बीमा कंपनी को नहीं देना क्लेम में बाधा बन जाता है।
नियम
नियमों की अनदेखी से होगा नुकसान
सूचित करने में देरी: दुर्घटना होने के बाद बीमा कंपनी को सूचित करने की एक तय सीमा होती है। आमतौर पर 24 से 48 घंटे में जानकारी देना जरूरी होता है। अगर, आप बिना किसी ठोस वजह के कंपनी को बहुत ही देर से सूचित करते हैं तो आपका क्लेम संदिग्ध श्रेणी में रखकर खारिज किया जा सकता है। दुर्घटना के सबूत: कई बार बीमा कंपनी हादसे के सबूत नहीं होने पर भी क्लेम में रोड़ा अटका सकती है।