आधुनिक कारें आप पर रखती हैं नजर, जानिए कैसे सुरक्षित रखें अपना डाटा
क्या है खबर?
आज की आधुनिक कारें सिर्फ गाड़ी नहीं बल्कि चलते-फिरते कंप्यूटर बन चुकी हैं। सैटेलाइट नेविगेशन, कैमरे और सेंसर आपकी लोकेशन, ड्राइविंग स्टाइल और कई बार चेहरे की गतिविधि तक रिकॉर्ड करते हैं। यह तकनीक सुरक्षा और सुविधा बढ़ाती है, लेकिन साथ ही पर्सनल डाटा भी इकट्ठा करती है। यही कारण है कि अब लोगों में कारों द्वारा डेटा संग्रह और उसके गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
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कार आपका डाटा कैसे इकट्ठा करती है?
कार में लगे GPS, टेलीमैटिक्स सिस्टम, ऑनबोर्ड कैमरे और कनेक्टेड ऐप्स लगातार जानकारी जुटाते हैं। दरवाजा खोलने, ब्रेक लगाने या तेज़ गाड़ी चलाने जैसे डाटा भी रिकॉर्ड हो सकते हैं। यह जानकारी कई बार इंश्योरेंस कंपनियों या डाटा कंपनियों तक पहुंच सकती है। ड्राइवर को अक्सर स्क्रीन पर दिखने वाले कंसेंट मेनू के जरिए अनजाने में अनुमति देनी पड़ती है, जिससे ट्रैकिंग तुरंत शुरू हो जाती है और उपयोगकर्ता को पता भी नहीं चलता।
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अपना डाटा सुरक्षित रखने के उपाय
ड्राइवर अपनी कार की सेटिंग्स में जाकर डेटा शेयरिंग विकल्पों की जांच कर सकते हैं। मोबाइल ऐप या डैशबोर्ड मेनू में जाकर मास्टर कंसेंट बंद किया जा सकता है। कई कंपनियां डेटा डिलीट या शेयरिंग रोकने का विकल्प भी देती हैं। जरूरत हो तो संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर रिक्वेस्ट भेजी जा सकती है। हालांकि, कुछ फीचर जैसे रिमोट लॉक या नेविगेशन सर्विस बंद हो सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है।
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कार बेचने से पहले क्या करें?
जब कभी भी आप अपनी कार बेचें या ट्रेड-इन करें, तो फैक्ट्री रीसेट करना बहुत ज्यादा जरूरी है। इससे आपका फोन कनेक्शन, लोकेशन हिस्ट्री और पर्सनल डाटा हट जाता है। ओनरशिप बदलने की जानकारी कंपनी को देना भी जरूरी है ताकि भविष्य में किसी और की ड्राइविंग आपके रिकॉर्ड से न जुड़ जाए। यह छोटा कदम आपकी प्राइवेसी और फाइनेंशियल सुरक्षा दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।