कार के डैशकैम के लिए पैसा खर्चा करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
क्या है खबर?
डैशकैम आपकी कार की विंडशील्ड पर लगा एक गैजेट नहीं है, बल्कि दुर्घटना संबंधी विवादों को सुलझाने से लेकर सड़क पर होनी वाली घटनाओं को कैद करता है। सही डैशकैम रिकॉर्डिंग से कहीं ज्यादा काम करता है। यह सड़क हादसे के लिए गवाह का काम करता है। ऐसे में इस गैजेट को खरीदते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। आइये जानते हैं कार के डैशकैम के लिए पैसे खर्च करने से पहले किन बातों पर विचार करना जरूरी है।
वीडियो गुणवत्ता
अच्छी वीडियो गुणवत्ता देखें
वीडियो की गुणवत्ता: डैशकैम खरीदते समय वीडियो की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करें। कम से कम फुल HD (1080p), 2K या 4K और नाइट विजन वीडियो वाला चुनें। कम रोशनी में धुंधली फुटेज आपके काम नहीं आएंगे। दृश्य क्षेत्र: यह निर्धारित करता है कि एक फ्रेम में सड़क का कितना हिस्सा कैप्चर होगा। 140-160 डिग्री के बीच का कोण सही होता है। यह कई लेन और आस-पास की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए पर्याप्त चौड़ा होता है।
स्टोरेज
स्टोरेज की नहीं आएगी समस्या
स्टोरेज और लूप रिकॉर्डिंग: आपको बहुत ज्यादा स्टोरेज की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर डैशकैम में लूप रिकॉर्डिंग की सुविधा होती है, जिसका मतलब है कि मेमोरी भर जाने पर वे सबसे पुराने फुटेज को ओवरराइट कर देते हैं। पार्किंग मोड: जब कार खड़ी रहने पर पार्किंग मोड जरूरी सुविधा बन जाती है। यह डैशकैम को इंजन बंद होने पर स्टैंडबाय मोड में रखती है। इससे हिट-एंड-रन, तोड़-फोड़ या चोरी के प्रयास जैसी संदिग्ध गतिविधि वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है।
GPS
GPS और ऐप कनेक्टिविटी की सुविधा
बिल्ट-इन GPS सटीक लोकेशन और स्पीड डाटा रिकॉर्ड करता है, जो किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे यह सत्यापित करने में मदद मिलती है कि आप वास्तव में कहां और कितनी गति से गाड़ी चला रहे थे। साथ ही वाई-फाई और ऐप सपोर्ट पूरे अनुभव को आसान बनाते हैं, जिससे आप माइक्रो SD कार्ड निकाले बिना सीधे अपने फोन से फुटेज देख सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं या शेयर कर सकते हैं।