
हुंडई अपनी SUVs में जारी रखेगी डीजल इंजन का विकल्प, जानिए क्या है कारण
क्या है खबर?
देश में BS6 फेज-II कड़े उत्सर्जन मानक लागू होने के बाद से कार निर्माता धीरे-धीरे अपने लाइनअप से डीजल इंजन को दूर करते जा रहे हैं।
इसके उल्ट दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (SUVs) के लिए डीजल इंजन विकल्प की पेशकश आगे भी जारी रखना चाहती है।
कंपनी का दावा है कि उसे अभी भी भारतीय बाजार में SUVs के डीजल संचालित वेरिएंट्स की मजबूत मांग दिख रही है।
तुलना
SUVs के डीजल वेरिएंट की पेट्रोल से अधिक है बिक्री
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हुंडई इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) तरुण गर्ग ने अपने पेट्रोल और डीजल माॅडल्स की बिक्री की तुलना के आधार पर खुलासा किया है।
इसके मुताबिक, हुंडई अल्काजार की बिक्री में पेट्रोल वेरिएंट की हिस्सेदारी 34 फीसदी रहती है, जबकि इसकी तुलना में डीजल वेरिएंट को 66 फीसदी ग्राहक खरीदते हैं।
इसी प्रकार, हुंडई टक्सन के पेट्रोल वेरिएंट की बिक्री में 39 फीसदी है, जबकि डीजल वेरिएंट की 61 फीसदी है।
वेटिंग पीरियड
डीजल वेरिएंट का अधिक है वेटिंग पीरियड
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीजल वेरिएंट का वेटिंग पीरियड पेट्रोल वेरिएंट की तुलना में अधिक है, जो इनकी मजबूत मांग को दर्शाता है।
कंपनी का मानना है कि बड़ी SUVs में डीजल इंजन को अभी भी पसंद किया जाता है।
इसका कारण डीजल कार का मजबूत शुरुआती टॉर्क और अतिरिक्त माइलेज है, जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों की पसंद है। इसके अलावा, SUV के साथ ऑफ-रोडिंग करने वालों को भी यह ज्यादा भाता है।