कार या बाइक सर्विस के दौरान नकली स्पेयर पार्ट कैसे पहचानें?
क्या है खबर?
कार या बाइक की सर्विस कराते समय नकली स्पेयर पार्ट लगने का खतरा बढ़ गया है। कई बार सस्ती कीमत के लालच में या जानकारी की कमी के कारण ग्राहक असली और नकली पार्ट में फर्क नहीं कर पाते। इससे गाड़ी की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है और भविष्य में बड़ी खराबी आ सकती है। इसलिए सर्विस के दौरान सावधान रहना और सही जानकारी रखना बेहद जरूरी है, ताकि नुकसान से बचा जा सके।
नुकसान
नकली पार्ट से होने वाला नुकसान
अगर गाड़ी में नकली पार्ट लगाया जाए तो इंजन, ब्रेक या सस्पेंशन जैसे अहम हिस्सों को नुकसान हो सकता है। इससे माइलेज कम हो सकता है और गाड़ी चलाते समय आवाज या झटके महसूस हो सकते हैं। कई मामलों में हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है। नकली पार्ट जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे बार-बार मरम्मत करानी पड़ती है और खर्च भी बढ़ता है। यह गाड़ी की वारंटी पर भी असर डाल सकता है।
पहचान
कैसे पहचानें नकली स्पेयर पार्ट?
नकली स्पेयर पार्ट की पहचान पैकिंग से शुरू होती है। असली पार्ट की पैकिंग साफ, मजबूत और कंपनी के लोगो के साथ होती है। उस पर बारकोड, सीरियल नंबर और होलोग्राम भी दिया जाता है। प्रिंट की क्वालिटी साफ होती है, जबकि नकली पार्ट में रंग फीका या गलत स्पेलिंग हो सकती है। पार्ट का वजन, फिनिश और फिटिंग भी असली से अलग लग सकती है, जिसे ध्यान से देखकर पहचाना जा सकता है।
सावधानी
सावधानी कैसे बरतें?
सर्विस हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर या भरोसेमंद मैकेनिक से कराएं। बिल में पार्ट का नाम और नंबर जरूर चेक करें। संभव हो तो पुराने पार्ट वापस मांग लें और नए पार्ट की पैकिंग खुद खोलते देखें। कंपनी की वेबसाइट या ऐप से पार्ट का सीरियल नंबर वेरिफाई किया जा सकता है। सस्ती कीमत के लालच में अनजान दुकानों से पार्ट न खरीदें। जागरूक रहकर ही आप अपनी गाड़ी को सुरक्षित रख सकते हैं।