सस्पेंशन खराब हो तो कैसे पहचानें? जानिए क्यों बार-बार आती है समस्या
क्या है खबर?
कार या बाइक का सस्पेंशन सिस्टम सड़क के झटकों को कम करने और सफर को आरामदायक बनाने का काम करता है। अगर सस्पेंशन खराब हो जाए तो ड्राइविंग मुश्किल और असुरक्षित हो सकती है। कई लोग शुरुआत में इसके संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे आगे चलकर बड़ी खराबी और ज्यादा खर्च का सामना करना पड़ता है। इसलिए समय रहते सस्पेंशन की स्थिति समझना और सही देखभाल करना बेहद जरूरी है।
पहचान
कैसे पहचानें सस्पेंशन खराब है?
अगर गाड़ी चलाते समय हर छोटे गड्ढे पर तेज झटका लगे तो यह सस्पेंशन की खराबी का संकेत हो सकता है। ब्रेक लगाते समय गाड़ी का आगे की ओर ज्यादा झुकना भी एक लक्षण है। टायर का असमान घिसना, मोड़ लेते समय खटखट या चरमराहट जैसी आवाज आना या गाड़ी का एक तरफ लगातार झुकना भी सस्पेंशन में दिक्कत दिखाता है। स्टीयरिंग ढीला महसूस होना भी एक संकेत है। ऐसी स्थिति में तुरंत अनुभवी मैकेनिक से पूरी जांच कराना चाहिए।
वजह
बार-बार समस्या क्यों आती है?
खराब सड़कें, ज्यादा वजन ढोना और नियमित सर्विस न कराना सस्पेंशन खराब होने के मुख्य कारण हैं। गड्ढों से तेज रफ्तार में बार-बार गुजरना शॉकर और स्प्रिंग पर सीधा और लगातार असर डालता है। सस्ती या नकली पार्ट्स लगाने से भी समस्या जल्दी लौट आती है और परफॉर्मेंस घट जाती है। समय पर व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग न कराने से सस्पेंशन सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे बार-बार खराबी और असंतुलन की दिक्कत हो सकती है।
सावधानी
क्या सावधानी बरतें?
सस्पेंशन को सही रखने के लिए गाड़ी को खराब और उबड़-खाबड़ सड़कों पर संभलकर चलाना चाहिए। नियमित सर्विस के दौरान शॉकर, स्प्रिंग, लिंक रॉड और बॉल जॉइंट की बारीकी से जांच कराना जरूरी है। तय समय पर व्हील अलाइनमेंट, बैलेंसिंग और टायर प्रेशर की जांच भी करानी चाहिए। अगर कोई अजीब आवाज, असामान्य झटका या गाड़ी का असंतुलन महसूस हो तो तुरंत सर्विस सेंटर में जांच कराएं, ताकि बड़ी समस्या और भारी खर्च से समय रहते बचा जा सके।