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बाइक-स्कूटर में कैसे काम करता है कीलेस इग्निशन? जान लें इसके फायदे-नुकसान
बाइक-स्कूटर में कीलेस इग्निशन सिस्टम चोरी की घटनाओं को रोकने में सहायक है

बाइक-स्कूटर में कैसे काम करता है कीलेस इग्निशन? जान लें इसके फायदे-नुकसान

Feb 18, 2026
07:25 am

क्या है खबर?

कार ही नहीं वर्तमान में बाइक-स्कूटर भी स्मार्ट होते जा रहे हैं। पहले प्रीमियम कारों में मिलने वाला कीलेस इग्निशन सिस्टम अब दोपहिया वाहनों में भी पेश किया जा रहा है। इस सिस्टम में पारंपरिक धातु की चाबी की जगह एक स्मार्ट की-फॉब काम करती है, जिससे बाइक या स्कूटर को स्टार्ट, लॉक या अनलॉक किया जा सकता है। आइये जानते हैं मोटरसाइकिल और स्कूटर में कीलेस इग्निशन सिस्टम किस तरह से काम करता है।

तरीका 

ऐसे काम करता है यह सिस्टम

कीलेस इग्निशन सिस्टम में धातु की चाबी और लॉक की जगह एक इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट की सिस्टम लगा होता है। राइडर के पास एक प्रॉक्सिमिटी बेस्ड की-फॉब रहता है, जो तय दूरी के अंदर होने पर वायरलेस सिग्नल के जरिए बाइक-स्कूटर को पहचान लेती है। चाबी को इग्निशन में लगाए बिना बटन दबाने से इंजन स्टार्ट हो जाता है। इसमें हैंडलबार लॉक और इग्निशन अनलॉक करने और कुछ में अंडर-सीट स्टोरेज या फ्यूल लिड को खोलने की सुविधा भी मिलती है।

फायदा 

ये हैं इस फीचर के फायदे 

इससे आपको चाबी को इग्निशन में लगाने या जेब से निकालने की झंझट नहीं रहती। इग्निशन लॉक हटने से कंसोल और डैशबोर्ड ज्यादा साफ और आधुनिक दिखता है। यह पूरा सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी कम्युनिकेशन पर काम करता है। ऐसे में सही सिग्नल मिलने पर ही बाइक स्टार्ट होती है। बिना सही की-फॉब के इंजन स्टार्ट नहीं हो सकता, जिससे चोरी का खतरा नहीं रहता। आंसर-बैक फीचर के कारण पार्किंग में बाइक-स्कूटर को ढूंढना काफी आसान हो जाता है।

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नुकसान 

की-फॉब से आ सकती हैं ये परेशानियां

फायदे के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी हैं। यह सिस्टम मैकेनिकल लॉक से ज्यादा जटिल होता है। इस कारण की-फॉब या रिसीवर खराब होने पर मरम्मत पर खर्च ज्यादा होता है। की-फॉब और वाहन दोनों की बैटरी सही होना जरूरी है। किसी की भी बैटरी खत्म होने पर स्टार्ट करने में परेशानी हो सकती है। भीड़-भाड़ या ज्यादा सिग्नल वाले इलाकों में वाहन के पास जाना पड़ता है और की-फॉब भूल जाए तो स्टार्ट करने में समस्या हो सकती है।

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