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सरकार ने RON 95 वाले E20 पेट्रोल की बिक्री अप्रैल से की अनिवार्य
RON 95 वाले E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य

सरकार ने RON 95 वाले E20 पेट्रोल की बिक्री अप्रैल से की अनिवार्य

Feb 26, 2026
02:59 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से देशभर में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित और कम से कम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) वाले पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से ईंधन की गुणवत्ता बेहतर होगी और पूरे देश में एक समान मानक लागू किया जा सकेगा।

कोशिश

कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने की कोशिश

सरकार का उद्देश्य इथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है। इथेनॉल गन्ने, मक्का और अन्य अनाज से बनता है और पेट्रोल की तुलना में अपेक्षाकृत साफ जलता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है। अधिकारियों के अनुसार, इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से अब तक लाखों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिली है।

असर

गाड़ियों पर संभावित असर

ऑटो इंडस्ट्री विशेषज्ञों के मुताबिक, 2023 के बाद बनी अधिकांश नई गाड़ियां E20 ईंधन के अनुकूल हैं। हालांकि, कुछ पुरानी गाड़ियों में माइलेज 3 से 7 प्रतिशत तक कम हो सकता है। इसके साथ ही, रबर या प्लास्टिक के कुछ पुर्जों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका भी जताई गई है। इसके बावजूद माना जा रहा है कि ज्यादातर वाहनों के लिए यह बदलाव धीरे-धीरे और बिना बड़ी तकनीकी समस्या के लागू किया जा सकेगा।

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महत्व

RON 95 और इंजन सुरक्षा का महत्व

रिसर्च ऑक्टेन नंबर यानी RON ईंधन की नॉकिंग के प्रति क्षमता को मापता है। 95 RON वाला पेट्रोल इंजन में संतुलित दहन सुनिश्चित करता है और नुकसान की संभावना कम करता है। इथेनॉल की ऑक्टेन रेटिंग अधिक होती है, जिससे मिश्रित ईंधन की गुणवत्ता बेहतर होती है। मंत्रालय के अनुसार, यह नया मानक इंजन प्रदर्शन बनाए रखने, प्रदूषण घटाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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