कार AC गैस लीक स्कैम, डलवाने से पहले ऐसे लगाएं पता
क्या है खबर?
गर्मी आने के साथ ही घर ही नहीं कारों में भी एयर कंडीशनर (AC) का उपयोग बढ़ जाता है। तापमान बढ़ने के साथ कूलिंग संबंधी समस्याओं में भी इजाफा हो जाता है। इसी का फायदा उठाते हुए मैकेनिक कार मालिकों को ठगना शुरू कर देते हैं। उन्हें समस्या की जड़ का पता लगाए बिना ही गैस भरवाने की सलाह दी जाती है। आइये जानते हैं गैस भरवाने से पहले आपको क्या जांच करने की जरूरत है।
तकनीक
ऐसे काम करता है AC
कार के AC सिस्टम के काम करने के तरीके को समझना आपको गैस स्कैम की परेशानी से बचने और लंबे समय में पैसे बचाने में मदद कर सकता है। आपकी कार का AC पेट्रोल-डीजल की तरह रेफ्रिजरेंट (गैस) का इस्तेमाल नहीं करता। यह एक बंद लूप सिस्टम की तरह काम करता है, जिसमें गैस लगातार घूमती रहती है। इसलिए, अगर AC कूलिंग बंद कर दे और कोई कहे कि गैस खत्म हो गई है तो इसकी वजह रिसाव होना है।
सलाह
सर्विस सेंटर पर मिलती है यह सलाह
AC से कूलिंग नहीं होने पर आप गाड़ी को सर्विस सेंटर लेकर जाते हैं। मैकेनिक बिना कोई जांच के गैस भरवाने का सुझाव देता है। इसके बाद आपका AC फिर से चलने लगता है। कुछ सप्ताह बाद समस्या फिर से आ जाती है और आपको वही समाधान फिर से बताया जाता है। यह चक्र चलता रहता है और आप कई बार गैस भरवाने में इतना पैसा खर्च कर देते हैं, जितने में गैस लीक ठीक करवाया जा सकता है।
उपकरण
गैस भरवाने से पहले यह तरीका अपनाएं
मैकेनिक के पास गैस रिसाव का पता लगाने के लिए उपयुक्त उपकरण होते हैं। वे रोशनी में चमकने वाले UV डाई, गैस रिसाव का पता लगाने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिटेक्टर या रिसाव पॉइंट पर बुलबुले बनाने वाले साबुन के घोल का उपयोग कर सकते हैं। रिसाव होज, जोड़, ओ-रिंग, कंप्रेसर, कंडेंसर या इवेपोरेटर के आस-पास मिल सकता है। गैस भरवाने का सुझाव मानने से पहले पहले रिसाव का परीक्षण करवाएं। क्षतिग्रस्त पुर्जे की मरम्मत करवाने के बाद ही रेफ्रिजरेंट डलवाएं।
तरीका
घर पर इन तरीकों से लगाएं पता
आप कार को सर्विस सेंटर ले जाए बिना भी घर पर ही गैस रिसाव की जांच कर सकते हैं। इसके लिए बोनट खोलें और AC चालू करने के कुछ देर बाद इंजन के पास मौजूद AC यूनिट से जुड़ी पाइप लाइन छूकर देखें। अगर, वे ठंडे हैं तो कूलेंट सही है और कोई रिसाव नहीं है। कुछ कारों में एक पारदर्शी इंडिकेटर होता है, जिसमें अगर बुलबुले दिखाई दें तो इसका मतलब है कि कार में गैस की कमी है।