क्या कार में मॉडिफिकेशन कराने से बीमा प्रीमियम पर पड़ता है असर?
क्या है खबर?
अक्सर लोग अपनी गाड़ियों को बेहतर परफॉर्मेंस या आकर्षक लुक देने के लिए मॉडिफाई कराते रहते हैं। कम लोगों को पता है कि इस मॉडिफिकेशन का असर कार बीमा के प्रीमियम पर पड़ सकता है। दरअसल, बीमा कंपनियां प्रीमियम तय करने के लिए कई कारकों को देखती है। ऐसे में काेई भी बदलाव कराने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि कंपनियां इसको किस नजरिए से देखती हैं। आइये जानते हैं मॉडिफिकेशन प्रीमियम को कैसे प्रभावित करता है।
असर
किस बदलाव का क्या होता है असर?
सभी प्रकार के कार मॉडिफिकेशन का बीमा पर एक जैसा प्रभाव नहीं पड़ता। बीमा कंपनियां प्रीमियम तय करते समय जोखिम का आकलन करती हैं, जो बदलाव जोखिम बढ़ाते हैं, वो प्रीमियम बढ़ाते हैं। इंजन अपग्रेड या सस्पेंशन में बदलाव जैसे परफॉर्मेंस मॉडिफिकेशन प्रीमियम में वृद्धि करते हैं। दूसरी तरफ सुरक्षा संबंधी सुधारों से कभी-कभी प्रीमियम कम हो सकता है। एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम या पार्किंग सेंसर जैसी सुविधाएं जोड़ने से बीमाकर्ताओं की नजर में जोखिम कम हो सकता है।
सावधानी
मॉडिफिकेशन से पहले बरतें सावधानी
कुछ बदलाव कानूनी मानकों के अनुरूप नहीं होते हैं। ऐसे में नियमों का पालन न करने पर आपकी बीमा पॉलिसी पूरी तरह रद्द हो सकती है। इसलिए हमेशा सुनिश्चित करें कि कोई भी बदलाव स्थानीय नियमों के अनुसार हो। इसके अलावा, वाहन में किए गए बदलावों की जानकारी न देने पर बीमा दावा खारिज हो सकता है। बीमा कंपनियां वाहन में किए गए किसी भी बदलाव की पूरी जानकारी मांगती हैं।