कार हर समय सुन रही आपकी बात, गोपनीयता के लिए बदल दें ये सेटिंग्स
क्या है खबर?
वर्तमान में आने वाली कनेक्टेड कार चलता-फिरता स्मार्टफोन की तरह है। इनमें लगे माइक्रोफोन, कैमरा और सेंसर्स आपकी लोकेशन से लेकर वॉयस कमांड्स और ड्राइविंग पैटर्न तक का डाटा रिकॉर्ड हो रहा है। यह जानकारी कंपनियों के सर्वर तक पहुंचती हैं, जिससे आपका डाटा गलत हाथों में पहुंच सकता है। अगर, आप अपनी प्राइवेसी को लेकर परेशान हैं तो आप अपनी कार की सेटिंग्स को बदल कर इससे खतरे से सुरक्षित रह सकते हैं।
इंफोटेनमेंट सिस्टम
इंफोटेनमेंट सिस्टम की सेटिंग में करें ये बदलाव
ज्यादातक कारें टचस्क्रीन सिस्टम के जरिए डाटा शेयर करती हैं। गोपनीयता के लिए सेटिंग्स में जाएं और प्राइवेसी या डाटा शेयरिंग का विकल्प खोजें। वहां दिए गए शेयर माय डाटा फोर रिसर्च या इंप्रूव वॉयस रिकॉग्निशन जैसे विकल्प को बंद कर दें। लाेकेशन ट्रेकिंग को भी आप यहां से डिसेबल कर सकते हैं। इससे आपकी वॉयस कमांड्स और ड्राइविंग डाटा कंपनी को नहीं भेजा जाएगा और गलत हाथों में जाने का खतरा नहीं रहेगा।
स्मार्टफोन कनेक्टिविटी
स्मार्टफोन से जोड़ने पर नहीं दे सभी एक्सेस
कार में गूगल असिस्टेंट या एलेक्सा इन-बिल्ट है तो हमेशा आपके शब्द सुनने के लिए एक्टिव रहते हैं। सेटिंग्स में जाकर 'लिसेन फोर वेक वर्ड' के विकल्प को बंद कर सकते हैं। असिस्टेंट तभी एक्टिव होगा, जब स्टीयरिंग व्हील पर दिए बटन को दबाएंगे। फोन से कनेक्ट करने पर केवल मीडिया एक्सेस को ही अनुदति दें, कॉन्टैक्ट्स या मैसेज को नहीं। इसके अलावा, फोन की ब्लूटूथ सेटिंग्स में जाकर सिंक कॉन्टैक्ट्स को बंद कर सकते हैं।
सावधानी
कार बेचने से पहले करें यह काम
कार निर्माता कंपनियां अपने ऐप्स के माध्यम से भी डाटा संग्रहित करती हैं। इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप की परमिशन को चेक करें। अगर, जरूरत न हो तो माइक्रोफोन, लोकेशन एक्सेस को बदल दें और अपनी सुविधा के मुताबिक उसको सेट कर दें। आप कार बेच रहे हैं तो मास्टर रीसेट या फैक्ट्री रीसेट जरूर करें। इसमें आपकी पुरानी लोकेशन, घर का पता, फोन का डाटा कार से पूरी तरह डिलीट हो जाएगा।