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पश्चिम एशिया संघर्ष में शामिल हुए यमन के हूथी विद्रोही, इजरायल पर दागी मिसाइल
यमन के हूथी विद्रोही समूह ने इजरायल पर मिसाइल दागी है

पश्चिम एशिया संघर्ष में शामिल हुए यमन के हूथी विद्रोही, इजरायल पर दागी मिसाइल

Mar 28, 2026
03:23 pm

क्या है खबर?

ईरान समर्थित यमन के हूथी विद्रोहियों ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कदम रख दिया है। समूह ने शनिवार सुबह दक्षिणी इजरायल पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे बीरशेबा और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, हूथी विद्रोहियों ने एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। समूह ने कहा कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों से संवेदनशील इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

आलोचना

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर की NATO की आलोचना

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान विवाद से निपटने के NATO के रवैये पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने NATO की आलोचना करते हुए उसे कागजी शेर बताया और कहा कि NATO की मदद तो अमेरिका करता है, लेकिन NATO कभी उनकी मदद नहीं करता। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में एक तरफ ईरान और दूसरी तरफ इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है।

मौत

युद्ध में अब तक हुई 5,000 से अधिक लोगों की मौत

28 फरवरी, 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद मध्य-पूर्व में 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह संघर्ष कम से कम 14 देशों में फैल चुका है और इसमें 350 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए पहले हमले के जवाब में ईरान ने इजरायल और सहयोगी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इससे खाड़ी देशों में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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निशाना

अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान को निशाना बनाया

इस संघर्ष में ईरान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट फेडरेशन के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों में कम से कम 1,900 लोग मारे गए और 20,000 लोग घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मार्च की शुरुआत से इजरायली हमलों के कारण 1,100 से अधिक मौतों की सूचना दी है। लेबनान भी युद्ध का एक नया मोर्चा बनकर उभरा है, जहां हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले किए हैं।

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बयान

अमेरिका को जमीनी सैनिकों की तैनाती की जरूरत नहीं- मार्को रुबियो

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वह जमीनी सेना तैनात किए बिना भी अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यह संघर्ष महीनों में नहीं, हफ्तों में समाप्त हो सकता है। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने जल्द ही ईरान के साथ बातचीत की उम्मीद जताई है। अल-अरबी टीवी ने बताया कि हूथियों ने बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य से इजरायली जहाजों के आवागमन को रोकने की धमकी दी है।

चेतावनी

अराघची ने दी भारी कीमत चुकाने की चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी परमाणु स्थलों, इस्पात कारखानों और बिजली संयंत्रों पर इजरायली हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 दिवसीय विराम का उल्लंघन हैं। हालांकि, उन्होंने विराम की मांग और बातचीत से इनकार किया है। अराघची ने चेतावनी दी कि इजरायली हमलों में नागरिक परमाणु स्थलों, इस्पात कारखानों को निशाना बनाने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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