ईरान में महिलाओं ने बिना हिजाब के लगाई 10 किलोमीटर की दौड़, सख्त कानून को चुनौती
क्या है खबर?
ईरान की राजधानी तेहरान में महिलाओं के एक समूह ने देश के अनिवार्य हिजाब कानून का खुलेआम उल्लंघन करते हुए बिना हिजाब पहने 10 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया। यह साहसिक कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरानी अधिकारी पहले भी इसी तरह बिना हिजाब के दौड़ के आयोजन पर सख्त कार्रवाई कर चुके थे। यह प्रतियोगिता वेलायात पार्क में आयोजित की गई थी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग दौड़ की व्यवस्था थी।
दौड़
सरकारी रैली के दिन ही हुई दौड़
इस 10 किलोमीटर दौड़ का आयोजन संयोगवश उसी दिन हुआ, जिस दिन तेहरान में सरकार समर्थित एक बहुत बड़ी रैली 'जानफदयान-ए ईरान' आयोजित की जा रही थी।
इस सरकारी रैली में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, बासिज सदस्य और देश की रक्षा का संकल्प लेने वाले स्वयंसेवक भारी संख्या में शामिल हुए थे।
सोशल मीडिया पर बिना हिजाब के दौड़ती महिलाओं के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इस घटना ने ईरान के सख्त हिजाब कानून की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें दौड़ का वीडियो
Tehran held a 10-kilometer women only marathon in Velayat Park.
— Arya Yadegaar (@AryJeayBackup) September 18, 2026
They surely look very oppressed… pic.twitter.com/LaRHThXHzS
माहौल
साल 2022 के विरोध प्रदर्शनों के बाद बदला ईरान का माहौल
ईरान में महिलाओं द्वारा हिजाब न पहनने का यह चलन हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है।
साल 2022 में मोरालिटी पुलिस की हिरासत में महसा अमिनी की दर्दनाक मौत के बाद पूरे देश में 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलन भड़क उठा था।
तब से सार्वजनिक स्थानों पर बिना हिजाब के दिखने वाली ईरानी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हालांकि, इसके बाद भी ईरान में अनिवार्य हिजाब कानून और उसके नियम आज भी पूरी तरह लागू हैं।
विजेता
राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक बनीं दौड़ प्रतियोगिता की विजेता
इस ऐतिहासिक 10 किलोमीटर दौड़ को ईरान की स्टार एथलीट परीसा अरब ने जीता है।
परीसा ईरान में महिलाओं की 5,000 मीटर, 10,000 मीटर और हाफ मैराथन रेस में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।
जीत के परीसा ने फिनिशिंग लाइन पार करने का अपना एक वीडियो साझा किया और दौड़ के दौरान उनका हौसला बढ़ाने और प्रोत्साहन देने के लिए सभी दर्शकों का दिल से धन्यवाद किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने महिलाओं की आजादी पर फिर से बहस छेड़ दी है।