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ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को क्यों बर्खास्त किया, क्या एपस्टीन फाइल्स बना कारण?
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को बर्खास्त किया (फाइल तस्वीर)

ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को क्यों बर्खास्त किया, क्या एपस्टीन फाइल्स बना कारण?

लेखन गजेंद्र
Apr 03, 2026
09:55 am

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिमी एशिया में संघर्ष के बीच पाम बोंडी को अटॉर्नी जनरल के पद से गुरुवार को बर्खास्त कर दिया। ट्रंप ने उनकी जगह उप-अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्यभार सौंपा है। ट्रंप एजेंडे की मुखर समर्थक रहीं बोंडी की बर्खास्तगी को लेकर कई संभावित कारण सामने आए हैं, जिसमें आंतरिक तनाव, राजनीतिक दबाव और हाई-प्रोफाइल मुद्दों पर असहमति प्रमुख है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इस पर चुप है।

बर्खास्तगी

ट्रंप ने बोंडी की बर्खास्तगी को लेकर क्या कहा?

ट्रंप ने ट्रुथ पर बोंडी को वफादार दोस्त बताते हुए लिखा कि उन्होंने पिछले एक साल से निष्ठा से सेवा की और अपराधों पर नकेल कसी, जिससे हत्याओं की दर 1990 के बाद अब तक के निचले स्तर पर है। ट्रंप ने लिखा कि बोंडी अब निजी क्षेत्र में एक बेहद जरूरी और अहम नई जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं, जिसकी घोषणा जल्द ही किसी तारीख को की जाएगी। इसी पोस्ट में ट्रंप ने ब्लैंच की नियुक्ति की घोषणा की।

दबाव

एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवाद पर नाराजगी

CNN के मुताबिक, बोंडी के कार्यकाल में सबसे बड़ी चुनौती यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर था, जिसे संभालने के तरीके से ट्रंप नाराज थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप मामले में उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पर्याप्त जांच या मुकदमा न चलाने के कारण बोंडी से खफा थे। न्याय विभाग में संबंधित दस्तावेजों और निर्णयों के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए गए, जिससे बॉन्डी पर दबाव बढ़ता चला गया।

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विवाद

एपस्टीन फाइल्स उनकी बर्खास्तगी का सबसे बड़ा कारण कैसे?

CNN के मुताबिक, ट्रंप के करीबियों का मानना ​​था कि इस मामले पर बोंडी के बयानों ने इस धारणा को बल दिया कि ट्रंप प्रशासन अनुचित रूप से जनता की नजरों से सामग्री छिपा रहा था। बोंडी ने फरवरी में फॉक्स न्यूज में कहा था कि एपस्टीन के ग्राहकों की सूची समीक्षा के लिए उनकी मेज पर है, जबकि बाद में न्याय विभाग ने कहा कि ऐसी कोई सूची नहीं है। बोंडी ने भी बाद में अपना बयान सुधारा था।

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निराशा

व्हाइट हाउस में निराशा और रिपब्लिकन पार्टी से दबाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप का बोंडी पर विश्वास कम हो रहा था और वे पर्दे के पीछे कई हफ्तों से सलाहकारों से निजी तौर पर बोंडी को लेकर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने संकेत दिया था कि बोंडी का कार्यकाल लंबा नहीं है। रिपब्लिकन पार्टी, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) समर्थकों और उनके सहयोगियों से बोंडी को प्रमुख कानूनी और राजनीतिक मामलों को संभालने के तरीके पर असंतोष झेलना पड़ रहा था। इससे आंतरिक विरोध काफी बढ़ गया।

निर्णय

न्याय विभाग के फैसले पर भी विवाद

बोंडी के कार्यकाल में न्याय विभाग के राजनीतिक रूप से निष्पक्ष संचालन को लेकर भी सवाल उठे हैं। आलोचकों का तर्क था कि कुछ निर्णय राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होते हैं, जबकि समर्थकों का कहना था कि वह प्रशासन के एजेंडे को आगे बढ़ा रही थीं। ट्रंप पूर्व FBI निदेशक जेम्स कोमी और न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स सहित उच्च पदस्थ राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सफल अभियोजन सुनिश्चित करने में असमर्थ रहने से भी बोंडी से निराश थे।

गुहार

नौकरी से न निकाले जाने की गुहार लगा चुकी थीं बोंडी

डेली मेल ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से बताया था कि 60 वर्षीय बोंडी ने ट्रंप से अपनी नौकरी बचाने की गुहार लगाई थी और व्हाइट हाउस में समय देने की विनती की थी। यह तब हुआ जब ट्रंप ने उन्हें न्याय विभाग छोड़ने के लिए सूचित किया था। हालांकि, बोंडी को बताया गया था कि उन्हें बाद में न्यायाधीश नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन ट्रंप ने अपने बयान से ये संभावना भी खारिज कर दी।

पहचान

कौन हैं पाम बोंडी?

पामेला जो बोंडी एक अमेरिकी वकील और रिपब्लिकन राजनेता हैं। बोंडी फ्लोरिडा की पहली महिला अटॉर्नी जनरल रही हैं। उन्होंने 2016 में ट्रंप का समर्थन किया था, जिसके बाद वह ट्रंप की वफादार बन गईं। वर्ष 2019 में उन्हें व्हाइट हाउस काउंसिल ऑफिस में स्पेशल एडवाइजर, 2020 में ट्रंप के महाभियोग ट्रायल में बचाव पक्ष की वकील रहीं। दोबारा चुनाव जीतने पर ट्रंप ने उन्हें फरवरी 2025 में अटॉर्नी जनरल बनाया। हालांकि, एक साल बाद उनकी बर्खास्तगी हो गई।

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