LOADING...
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर पर बंकर बस्टर बमों से क्यों किया हमला?
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर पर बंकर बस्टर बमों से हमला किया है

अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर पर बंकर बस्टर बमों से क्यों किया हमला?

Mar 31, 2026
04:41 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ने मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक बड़े गोला-बारूद डिपो पर 2,000 पाउंड (लगभग 907 किलोग्राम) के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक भीषण विस्फोट का वीडियो साझा करते हुए इस हमले की जानकारी दी है। इस हमले में युद्धविराम की संभावनाओं को झटका दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर अमेरिका ने इस्फहान शहर पर हमला क्यों किया।

वीडियो

वीडियो में क्या दिखा?

वीडियो में आग के गोले और विस्फोट दिखाई देते हैं। नासा के आग पर नजर रखने वाले उपग्रहों से पता चलता है कि विस्फोट माउंट सोफे के पास हुए, यह सैन्य ठिकाने वाला क्षेत्र है। हालांकि, ईरान ने औपचारिक रूप से इस हमले की पुष्टि नहीं की है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, बड़े गोला-बारूद डिपो पर हमले के लिए बड़ी मात्रा में बंकर बस्टर बम का हमा था, जिसका उद्देश्य मिसाइलों, रॉकेटों और अन्य विस्फोटकों को नष्ट करना था।

कारण

इस्फहान को क्यों बनाया गया निशाना?

इस्फहान में ईरान के सैन्य अड्डे और रक्षा उद्योग स्थित हैं। यह उन 3 यूरेनियम संवर्धन स्थलों में से एक का घर है जिन पर जून में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिका ने बमबारी की थी। माना जाता है कि ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का एक हिस्सा यहीं दबा है। जून 2025 के युद्ध पहले की उपग्रह तस्वीर के अनुसार, तेहरान ने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम से भरा एक ट्रक इस्फहान भेजा था।

Advertisement

यूरेनियम

ट्रक में भरा था 534 किलोग्राम यूरेनियम

एयरबस डिफेंस एंड स्पेस प्लीएड्स नियो उपग्रह की उस तस्वीर में 9 जून, 2025 को इस्फहान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र की एक सुरंग में 18 नीले कंटेनरों से लदा एक ट्रक दिखाई दे रहा है। बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स के विश्लेषक फ्रांकोइस डियाज-मौरिन के अनुसार, ट्रक में संभवतः 18 सुरक्षित कंटेनर थे, जिनमें 534 किलोग्राम तक 60 प्रतिशत शुद्धता वाला यूरेनियम था। यह 90 प्रतिशत शुद्धता के हथियार-स्तरीय स्तर तक पहुंचने का छोटा सा कदम है।

Advertisement

हमला

अमेरिका ने बंकर बस्टर बमों से ही क्यों किया हमला?

अमेरिकी सेना ने इस्फहान पर 907 किलोग्राम वाले बंकर बस्टर बमों से हमला किया है। ये बम कठोर लक्ष्यों को भेदने के लिए बनाए गए हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से भूमिगत सैन्य प्रतिष्ठानों, बंकरों और परमाणु स्थलों पर हमला करने के लिए किया जाता है। इन बमों को कठोर इस्पात के आवरणों से बनाया जाता है जो उन्हें मिट्टी और कंक्रीट की परतों को भेदने की अनुमति देते हैं और विशिष्ट गहराई तक पहुंचने पर ही विस्फोट होते हैं।

संदेश

इस हमले से क्या संदेश देना चाहता है अमेरिका?

यह हमला ट्रंप द्वारा समझौता न होने की सूरत में ईरान के ऊर्जा संसाधनों और परमाणु संयंत्रों और जल संयंत्रों सहित अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को व्यापक रूप से नष्ट करने की धमकी देने के एक दिन बाद हुआ है। अमेरिका यह संदेश देना चाहता है कि वह ईरान के न झुकने पर युद्ध को और बढ़ाने के लिए तैयार है। यह युद्ध दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और इसने वैश्विक बाजारों को झकझोर कर रख दिया है।

स्थिति

अमेरिका के आगे झुकने को तैयार नहीं ईरान

एक तरह पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की ने राजनयिक रूप से युद्ध का समाधान निकलने के लिए मुलाकात की है। वहीं, दूसरी ओर ईरान पहले ही महत्वपूर्ण होर्मूज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर चुका है, जिससे होकर वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ईरान की एक संसदीय समिति ने अमेरिका के आगे झुकने से इनकार करते हुए जलडमरूमध्य में जहाजों पर टोल लगाने और अमेरिका-इजरायल के जहाजों पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मतदान किया है।

Advertisement