ईरान युद्ध में अब तक किन शीर्ष ईरानी नेता और अधिकारियों की मौत हुई है?
क्या है खबर?
इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमला करने बाद मध्य-पूर्व में छिड़े युद्ध को 19 दिन हो गए हैं। युद्ध शांत होने की जगह बढ़ता जा रहा है। इस युद्ध में ईरान को अपने कई शीर्ष नेता और अधिकारियों को भी खोना पड़ा है। इसकी शुरुआत उसके पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और उनके परिवार की मौत के साथ हुई थी। ऐसे में आइए जानते हैं इस युद्ध में अब किन शीर्ष नेता और अधिकारियों की मौत हो चुकी है।
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अयातुल्ला खामेनेई
युद्ध में सबसे पहली मौत पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हुई थी। 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका ने उनके बंकर पर हमले कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। खामेनेई के पास ईरान में सेना, न्यायपालिका और महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों पर अंतिम अधिकार था। वे 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और देश की परमाणु तथा रक्षा नीति पर उनका बड़ा प्रभाव था। उनके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता बनाया गया है।
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अमीर नासिरजादेह
28 फरवरी को ही इजरायल के मिसाइल हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह की भी मौत हो गई थी। वे देश की सैन्य योजना, हथियार विकास और रक्षा नीतियों की जिम्मेदारी संभालते थे। इससे पहले वे वायुसेना में सीनियर अधिकारी रह चुके थे। उन्होंने ईरान के ड्रोन और विमानन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई थी। उसी हमले में रक्षात्मक नवाचार और अनुसंधान संगठन (SPND) के पूर्व अध्यक्ष रजा मोजाफ्फारी-निया की भी मौत हुई थी।
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अली शामखानी
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने हमलों में सर्वोच्च नेता खामेनेई के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शामखानी को भी मौत के घाट उतार दिया गया था। शामखानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख भी थे। वे पहले ईरान के रक्षा मंत्री भी रह चुके थे। उन्होंने ईरान की क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति और सैन्य योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे कूटनीतिक और सैन्य दोनों मामलों में प्रभावशाली माने जाते थे। ऐसे में उनकी मौत ईरान के लिए बड़ा झटका है।
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अब्दुल रहीम मूसावी
अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मूसावी की भी मौत हो चुकी है। इजरायली सेना ने 1 मार्च को उनकी मौत की पुष्टि की थी। मूसावी ईरान की सेना और अन्य सैन्य बलों में समन्वय (कार्डिनेशन) के लिए जिम्मेदार थे। वे देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में से एक थे। उन्होंने रक्षा रणनीति और सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया था। उनकी मौत से सेना को झटका लगा है।
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मोहम्मद पाकपुर
इस युद्ध में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर की भी मौत हो चुकी है। उनकी मौत भी 28 फरवरी को हुए हमले में हुई थी। IRGC ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। पाकपुर सैन्य अभियानों और आंतरिक सुरक्षा की देखरेख करते थे। उन्होंने कई वर्षों तक ईरान की रक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी मौत से IRGC नेतृत्व विहीन हो गई और अपने स्तर पर युद्ध लड़ रही है।
#6
अली लारीजानी
इजरायल ने 17 मार्च को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी को मार गिराने का दावा किया था। इसके बाद 18 मार्च को ईरान ने इसकी पुष्टि भी कर दी। इस हमले में लारीजानी के बेटे की भी मौत हुई है। लारीजानी राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। वह ईरान की संसद के स्पीकर भी रह चुके थे। वह परमाणु वार्ताओं और विदेश नीति में भी प्रभावशाली नेता थे।
नीति
परमाणु नीति से निर्माता रहे थे लारीजानी
लारिजानी को इस्लामी गणराज्य के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माना जाता था, जिनका प्रभाव राजनीति, सुरक्षा और कूटनीति तक फैला हुआ था। वे ईरान के उस राजनीतिक परिवार से थे, जिसकी तुलना अमेरिका के कैनेडी परिवार से होती है। लारीजानी ने 2008-2020 तक संसद अध्यक्ष और सुरक्षा परिषद के प्रमुख का पद संभाला था। वे ईरान की परमाणु रणनीति के पैरोकार थे, उन्होंने 2005-2007 तक मुख्य परमाणु वार्ताकार के रूप में, ईरान के अधिकार का बचाव किया।
अन्य
इन अधिकारियों की मौत का भी किया जा चुका है दावा
ईरान के इन 6 शीर्ष नेता और अधिकारियों के अलावा इजरायल और अमेरिका द्वारा कई अन्य अधिकारियों की मौत का भी दावा किया जा चुका है। इनमें खामेनेई के मुख्य सैन्य सचिव मोहम्मद शिराजी, सैन्य खुफिया प्रमुख सालेह असादी, SPND अध्यक्ष हुसैन जबल अमेलियन, रसद एवं औद्योगिक अनुसंधान के उप प्रमुख मेजर जनरल मोहसेन दारेबाघी, पुलिस खुफिया प्रमुख गुलामरेजा रेजाइयन और योजना एवं संचालन प्रमुख मेजर जनरल बहराम हुसैनी मोतलाघ का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।