शी जिनपिंग की व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात का क्या रहेगा एजेंडा?
क्या है खबर?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की महत्वपूर्ण 3 दिवसीय राजकीय यात्रा पर वाशिंगटन पहुंचेंगे। पिछले 11 वर्षों में अमेरिकी राजधानी में उनकी यह पहली वापसी है, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। यह अहम वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब 10 नवंबर को दोनों देशों के बीच हुआ एक वर्षीय व्यापार समझौता समाप्त होने जा रहा है। आइए इस मुलाकात के एजेंडे पर नजर डालते हैं।
कार्यक्रम
कैसा रहेगा जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा का कार्यक्रम?
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिनपिंग 23 सितंबर वाशिंगटन के बाहर स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचेंगे, जहां राष्ट्रपति ट्रंप उनका स्वागत करेंगे।
24 सितंबर व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में सैन्य निरीक्षण के साथ जिनपिंग का राजकीय स्वागत होगा और उसके बाद ओवल ऑफिस में व्यापक द्विपक्षीय बैठकें होंगी।
शाम को एक विशेष राजकीय रात्रिभोज होगा। 25 सितंबर को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ निजी चाय पार्टी होगी।
शिरकत
राजकीय रात्रिभोज में शिरकत करेंगे अमेरिकी टेक दिग्गज
राजकीय रात्रिभोज में अमेरिका के शीर्ष टेक दिग्गजों के शामिल होने की संभावना है।
इसमें टेस्ला प्रमुख एलन मस्क, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला, अल्फाबेट/गूगल के CEO सुंदर पिचाई और एपल के कार्यकारी अध्यक्ष टिम कुक के शामिल होने की संभावना है।
इसी तरह क्वालकॉम के CEO क्रिस्टियानो एमोन और डेल टेक्नोलॉजीज के CEO माइकल डेल भी शामिल होंगे।
इस रात्रिभोज को ट्रंप ने काफी कीमती करार दिया है।
एजेंडा
द्विपक्षीय वार्ता के एजेंडे में टैरिफ और व्यापार राहत होगा मुख्य मुद्दा
वर्ष 2025 के अंत में बुसान में दोनों नेताओं के बीच हुआ एक वर्षीय व्यापार विराम 10 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
इसके आगे न बढ़ने पर टैरिफ दरें स्वतः ही ऐतिहासिक रूप से बढ़ जाएंगी।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग एक समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत गैर रणनीतिक उपभोक्ता, कृषि और ऊर्जा वस्तुओं पर 30 अरब डॉलर (लगभग 2.86 लाख करोड़ रुपये) तक की टैरिफ कटौती की जा सकती है।
खनिज
दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों तत्वों पर हो सकती है चर्चा
चीन वैश्विक स्तर पर दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के निष्कर्षण के 70 प्रतिशत और चुंबक प्रसंस्करण के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से को नियंत्रित करता है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा उपकरणों के लिए अनिवार्य हैं।
चीन ने चुंबक पर लगाए गए अतिरिक्त निर्यात नियंत्रणों को 10 नवंबर तक रोका हुआ है ताकि वह अमेरिका पर सेमीकंडक्टर प्रतिबंधों में ढील का दबाव बना सके।
हालांकि, अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिप तकनीक पर कोई समझौता नहीं करना चाहता।
AI
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर यह होगी रणनीति
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने हाल में चीनी डेवलपर्स पर अमेरिकी फ्रंटियर मॉडल्स (जैसे GPT, क्लाउड) का उपयोग कर अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम को प्रशिक्षित करने का आरोप लगाया है।
वहीं, चीन को डर है कि अमेरिकी मॉडल्स का उपयोग उसके खिलाफ साइबर ऑपरेशंस के लिए हो सकता है।
ऐसे में आकस्मिक सैन्य या साइबर टकराव से बचने के लिए दोनों देश एक 'AI इंसिडेंट नोटिफिकेशन मैकेनिज्म' स्थापित करने पर चर्चा कर सकते हैं।
युद्ध
पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध और ऊर्जा सुरक्षा पर बातचीत संभव
अमेरिका के ईरान पर हमला करने के बाद प्रमुख जल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद है। इसने फारस की खाड़ी के जहाजों के आवागमन को पूरी तरह से बाधित किया है।
चीन वर्तमान में ईरानी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।
ऐसे में ट्रंप इस बातचीत में राष्ट्रपति जिनपिंग से तेहरान पर अपने आर्थिक प्रभाव का उपयोग कर क्षेत्रीय तनाव को कम करने और समुद्री तेल व्यापार को स्थिर करने पर सौदेबाजी कर सकता है।
मुद्दा
ताइवान और दक्षिण चीन सागर का भी रहेगा मुद्दा
चीन ताइवान को अपनी संप्रभुता का अटूट हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियारों की बिक्री का विरोध कर रहा है।
इधर, अमेरिका के सहयोगी (जापान, फिलीपींस) इस पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो कि अमेरिका, ताइवान, जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर में यथास्थिति में एकतरफा बदलाव के खिलाफ दृढ़ निवारक रुख बनाए रखे।
इसके अतिरिक्त, अवैध फेंटानिल दवाओं के रसायनों की तस्करी रोकने के लिए ट्रैकिंग प्रोटोकॉल की समीक्षा भी हो सकती है।
सवाल
स्थायी शांति या एक रणनीतिक विराम?
अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंकों और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच किसी स्थायी शांति का आधार नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक विराम है।
ट्रंप जहां घरेलू मध्यवर्ती राजनीति को साध रहे हैं, वहीं जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी की बड़ी बैठकों से पहले आर्थिक स्थिरता चाहते हैं।
AI सर्वोच्चता और सेमीकंडक्टर जैसे बुनियादी मुद्दों पर दोनों महाशक्तियों के बीच की गहरी प्रतिस्पर्धा पर्दे के पीछे भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।