क्या है अमेरिका में अंग चुराकर बेचने का मामला, जिसमें हार्वर्ड भरेगा 507 करोड़ का हर्जाना?
क्या है खबर?
अमेरिका का मशहूर हार्वर्ड विश्वविद्यालय अपने मेडिकल स्कूल से चोरी मानव अंगों के मामले में पीड़ित परिवारों को 5.30 करोड़ डॉलर (लगभग 507 करोड़ रुपये) का भुगतान करने पर सहमत हो गया है। हार्वर्ड के इस कदम से बोस्टन की अदालत में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (HMS) के खिलाफ दायर वे मुकदमे समाप्त हो जाएंगे, जिसमें मुर्दाघर प्रबंधक सेड्रिक लॉज को अंगों की चोरी कर उन्हें बाजार में बेचने का दोषी ठहराया गया था। पूरा मामला क्या है? आइए, जानते हैं।
घटना
क्या है मामला?
HMS में लोग मृत्यु के बाद अपने शरीर को मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के लिए दान कर सकते हैं, जिससे मेडिकल छात्र पढ़ाई और शोध करते हैं।
पढ़ाई के बाद शवों को अंतिम संस्कार होता है और दानकर्ता की इच्छा या परिवार के निर्देश के अनुसार अवशेष लौटाए जाते हैं।
मेडिकल स्कूल के मुर्दाघर के प्रबंधक 57 वर्षीय सेड्रिक लॉज इन्हीं शवों के अंगों को निकालकर बेचता था। पकड़े जाने पर उसे पिछले साल 8 साल की सजा हुई है।
अंजाम
प्रबंधक कैसे देता था घटना को अंजाम?
लॉज ने 2018 से 2020 के बीच शवों से मानव अवशेष निकालकर बेचे। वह उन शवों के अंग निकालता था, जिनका पढ़ाई में इस्तेमाल हो चुका होता, लेकिन अंतिम संस्कार बाकी था।
लॉज दिमाग, त्वचा, हाथ, सिर, हड्डियां समेत कई अंदरूनी अंगों को परिवार की अनुमति के बगैर निकालकर न्यू हैम्पशायर स्थित अपने घर ले जाता था।
इस काम में लॉज की पत्नी भी शामिल थी, जो अंगों को पैक करने, खरीदारों से संपर्क करने और भुगतान लेती थी।
जानकारी
मुर्दाघर तक लाए गए खरीदार
लॉज ने 2020 में कोरोना वायरस के दौरान हार्वर्ड के खाली परिसर में खरीदार को बुलाया और अंग बेचे। अक्टूबर 2020 में कटरीना मैक्लीन ने विच्छेदित चेहरे खरीदने के लिए करीब 50,000 रुपये और जोशुआ टेलर ने दिमाग के लिए 35.74 लाख रुपये दिए थे।
खुलासा
कैसे हुआ खुलासा?
मामला किसी ऑडिट में नहीं बल्कि एक मानव-अवशेष तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान सामने आया।
अमेरिका की संघीय जांच ब्यूरो (FBI) और पेंसिल्वेनिया की स्थानीय पुलिस तस्करी के मामले की जांच कर रहे थे, तभी जेरेमी पॉले की भूमिका सामने आई, जो मानव अंग खरीदता और बेचता था।
जांचकर्ताओं ने जांच बढ़ाई तो तार हार्वर्ड तक जुड़ते चले गए। इसके बाद जून 2023 में पहली बार हार्वर्ड के मुर्दाघर में चल रहे अपराध का पता चला।
सजा
मुख्य आरोपी लॉज को 8 साल की सजा
लॉज को 2023 में गिरफ्तार किया गया था। उसने 2025 में संघीय अदालत में अपना गुनाह कबूला और माना कि उसने 2018-2020 तक मानव अंगों को कई राज्यों में बेंचा है।
कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को उसे 8 साल और उसकी पत्नी डेनिस लॉच को एक साल की सजा सुनाई है। जेरेमी, टेलर को भी 7 साल और 2 साल की जेल हुई है।
मामले में कुल 9 आरोपी सामने आए थे।
मुआवजा
हार्वर्ड को क्यों देना पड़ा हर्जाना?
दरअसल, मामला सामने आने के बाद जिन शवों के अंगों को चोरी किया गया था, उनके परिवारों ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दायर किया था।
परिवारों का आरोप था कि हार्वर्ड ने पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं रखी, जिससे लॉज इतने लंबे समय तक यह काम कर पाया।
हार्वर्ड ने अब 507 करोड़ रुपये हर्जाना देने, शवदान कार्यक्रम में सुधार करने और दानकर्ताओं के सम्मान में छात्रवृत्ति शुरू करने की बात कही है।