प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा पर दोनों देशों के बीच कौन-से बड़े समझौते हुए?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इंडोनेशिया की 3 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इसके तहत मंगलवार को राजधानी जकार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांटो के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। इसमें रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, चुनाव प्रौद्योगिकी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, समुद्री सहयोग, चिकित्सा, शिक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र सहित कई प्रमुख रणनीतिक समझौते हुए। ऐसे में आइए दोनों देशों के बीच हुए प्रमुख समझौतों पर नजर डालते हैं।
वार्ता
वार्ता में शामिल हुए NSA डोभाल और विदेश सचिव मिसरी
इस प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल हुए और समझौतों में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले राष्ट्रपति सुबियांटो ने हवाई अड्डे पर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। द्विपक्षीय वार्ता के बाद राष्ट्रपति सुबियांटो ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से सम्मानित किया। यह प्रधानमंत्री मोदी का 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान रहा।
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भारत और इंडोनेशिया के बीच हुआ बड़ा रक्षा और सैन्य समझौता
द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांटो ने बहुप्रतीक्षित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और तटीय रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति के लिए ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत अब इंडोनेशिया को मिसाइलों के साथ मोबाइल लॉन्चर, रडार, प्रशिक्षण और मरम्मत का सहायता पैकेज भी सौंपेगा। इसी तरह भारत ने इंडोनेशिया को अपनी आधुनिक 'अस्त्र' मिसाइलें सप्लाई करने के लिए भारत डायनेमिक्स के जरिए वहां की रेपब्लिकॉर्प के साथ हवाई मारक मिसाइलों को लेकर अहम समझौता किया है।
जानकारी
भारत और इंडोनेशिया मिलकर करेंगे सबंग बंदरगाह का विकास
दोनों देशों के बीच मलाक्का जलडमरूमध्य के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सबंग बंदरगाह के संयुक्त विकास को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। दोनों देश मिलकर इसका विकास करेंगे, जिससे हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी।
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महत्वपूर्ण खनिज और स्टील को लेकर समझौता
भारत और इंडोनेशिया के बीच महत्वपूर्ण खनिज और स्टील को लेकर भी बड़ा समझौता हुआ है। इसके तहत इंडोनिशिया, भारत की क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति के लिए जरूरी निकल, लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिज की सुरक्षित सप्लाई चेन स्थापित करेगा। इसी तरह भारत की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) और इंडोनेशिया की क्रैकाटोआ स्टील के बीच संयुक्त रूप से इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब बनाने का भी जॉइंट वेंचर स्थापित करने का भी समझौता हुआ है।
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तकनीक और डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए भी हुए समझौते
वार्ता में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को इंडोनेशिया के क्विक रिस्पॉन्स कोड इंडोनेशियन स्टैंडर्ड (QRIS) से जोड़ने का ऐतिहासिक डिजिटल पेमेंट का भी समझौता हुआ है। इससे भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को इंडोनेशिया में सीधे भारतीय बैंक खातों से भुगतान की सुविधा मिले सकेगी। इसी तरह दोनों देशों के बीच चुनावी प्रक्रियाओं में सहयोग का भी समझौता हुआ है। इसके तहत, भारत अब इंडोनेशिया को अपनी विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा।
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कृषि अनुसंधान, व्यापार और उर्वरकों पर हुआ अहम समझौता
दोनों देशों ने कृषि अनुसंधान, व्यापार और उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति के लिए भी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले DWR-162 गेहूं के बीज की आपूर्ति करेगा। इसी तरह दोनों देश टिकाऊ खेती के उन्नत तरीकों और आधुनिक कृषि तकनीकों को आपस में साझा करेंगे। दोनों देशों के कृषि अनुसंधान संस्थान मिलकर फसलों की नई किस्मों, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती और कीट नियंत्रण पर संयुक्त शोध करेंगे।
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स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर क्या हुए समझौते?
भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और इंडोनेशिया की राष्ट्रीय औषधि एवं खाद्य नियंत्रण एजेंसी (BPOM) के बीच अहम समझौता हुआ है। इससे भारत की किफायती जेनेरिक दवाओं की पहुंच इंडोनेशिया के आम नागरिकों तक आसान हो जाएगी। दोनों देशों ने स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग से जुड़े एक कार्यान्वयन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इसमें भारत द्वारा इंडोनेशिया के डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण और कौशल विकास में सक्रिय योगदान दिया जाएगा।
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उच्च शिक्षा को लेकर हुआ अहम समझौता
शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु इंडोनेशिया के 'सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र' में अपना विदेशी कैंपस स्थापित करेगा। इससे पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को वैश्विक स्तर की प्रबंधन शिक्षा मिलेगी। इसी तरह दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दूरसंचार और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए भी अहम समझौता किया है। दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को और गहरा किया जाएगा
जानकारी
अंतरिक्ष अनुसंधान को लेकर क्या हुआ समझौता?
दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर अंतरिक्ष क्षेत्र में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए रणनीतिक सहयोग के एक समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी दी है। इसके तहत उपग्रह तकनीक, डाटा शेयरिंग और अंतरिक्ष अनुसंधान में संयुक्त प्रयासों को गति मिलेगी।