अमेरिका में अप्रवासी ट्रक चालकों की जगह लेंगे पूर्व सैनिक, ट्रंप बोले- हमें उनकी जरूरत नहीं
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासी ट्रक चालकों की जगह पूर्व अमेरिकी सैनिकों को नियुक्त करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा है। इस कदम से अमेरिका के ट्रक उद्योग में काम कर रहे हजारों भारतीय प्रवासियों, विशेषकर पंजाब और हरियाणा के सिख चालकों पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिनकी संख्या वहां करीब डेढ लाख है। दरअसल, ट्रंप प्रशासन अवैध रूप से काम कर रहे अप्रवासी ट्रक चालकों को अमेरिकी सड़कों से पूरी तरह बाहर करना चाहता है।
कारण
क्या है ट्रंप के इस प्रस्ताव का कारण?
ट्रंप का आरोप है कि कई बिना दस्तावेज वाले अप्रवासी चालक अंग्रेजी साइन बोर्ड नहीं पढ़ पाते और कुछ नशे में गाड़ी चलाते हैं, जिससे घातक दुर्घटनाएं होती हैं।
हाल ही में कैलिफोर्निया में एक अवैध भारतीय मूल के ट्रक चालक के कारण हुए भीषण हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई थी, जिसे 5 साल की सजा हुई।
इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन की कड़ाई के कारण लगभग 2 लाख अप्रवासी चालक अपने व्यावसायिक लाइसेंस गंवा चुके हैं।
प्रक्रिया
ट्रंप के प्रस्ताव के तहत क्या होगा?
ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार, जिन अमेरिकी सैन्य दिग्गजों के पास सेना में भारी ट्रक चलाने का अनुभव है, उन्हें बिना किसी लंबी प्रक्रिया के सीधे व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) जारी कर दिया जाएगा।
सरकार पूर्व सैनिकों को व्यावसायिक ट्रक उद्योग के लिए विशेष प्रशिक्षण भी देगी ताकि वे तुरंत काम संभाल सकें।
सरकार इस योजना के जरिए एक तीर चलाकर 2 निशाने लगाना चाहती है। इससे सड़कों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और बेरोजगार पूर्व सैनिकों को रोजगार मिलेगा।