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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका, जन्मजात नागरिकता खत्म करने का आदेश किया रद्द
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका, जन्मजात नागरिकता खत्म करने का आदेश किया रद्द

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका, जन्मजात नागरिकता खत्म करने का आदेश किया रद्द

लेखन गजेंद्र
Jun 30, 2026
08:49 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका देते हुए उनके जन्मजात नागरिकता को खत्म करने के आदेश को रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कोर्ट में 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया और कहा कि अमेरिकी संविधान अमेरिका में पैदा हुए लगभग सभी बच्चों को स्वतः ही जन्मसिद्ध नागरिकता की गारंटी देता है। कोर्ट में 5 न्यायाधीशों ने कहा कि यह आदेश संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है।

आदेश

ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही लागू किया था आदेश

ट्रंप ने 20 जनवरी, 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत अमेरिका में अस्थायी कानूनी स्थिति वाले या बिना दस्तावेज वाले माता-पिता से जन्मे लोगों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने से रोकने का प्रावधान था। इस उपाय से अमेरिका में सिर्फ उन बच्चों को नागरिकता मिल पाती, जिनके कम से कम एक माता-पिता अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी हों।

आदेश

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने आदेश में लिखा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा दशकों से कानून को समझने के तरीके की आमूलचूल पुनर्कल्पना के पक्ष में बहुत कम सबूत थे। रॉबर्ट्स ने लिखा, "नागरिकता तब भी और अब भी, अधिकारों का अधिकार है- हमारे राजनीतिक समुदाय में स्वतंत्र रूप से भाग लेने का अधिकार है।" उन्होंने आगे कहा कि गृहयुद्ध के बाद 14वां संशोधन इसलिए लागू किया गया था ताकि पूर्व गुलामों सहित सभी को वे अधिकार प्राप्त हों।

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आदेश

निचली कोर्ट रद्द कर चुका है फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला बरकरार रखा

ट्रंप ने भले ही राष्ट्रपति पद संभालते ही आदेश जारी कर दिया था, लेकिन यह कार्यकारी आदेश कभी प्रभावी नहीं हुआ। ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के तुरंत बाद निचली अदालतों ने इसे रद्द कर दिया था। ट्रंप के कार्यकारी आदेश को उदारवादी राज्यों और इससे प्रभावित होने वाले व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नागरिक अधिकार समूहों द्वारा कई अदालतों में चुनौती दी गई थी। मुद्दे पर सुनवाई करने वाली हर अदालत ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया है।

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संविधान

क्या कहता है अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन

अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में कहा गया है कि अमेरिका में जन्मे या प्राकृतिक रूप से नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी व्यक्ति, और जो इसके अधिकार क्षेत्र के अधीन हैं, अमेरिका के नागरिक हैं। ट्रंप के मुताबिक, जन्मसिद्ध नागरिकता केवल उन्हीं लोगों को प्राप्त होती जिनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी हो। अस्थायी आगंतुकों या अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों के बच्चे जन्म से ही नागरिक नहीं होते।

असहमति

कोर्ट के फैसले से असहमति जताने वाले 3 न्यायाधीशों ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान 9 सदस्यीय जजों की पीठ में 3 न्यायाधीशों ने असहमति जताई, जिसमें न्यायाधीश क्लेरेंस थॉमस, नील गोरसच और सैमुअल एलिटो शामिल हैं। न्यायमूर्ति थॉमस ने तर्क दिया कि 14वें संशोधन को अब राजनीतिक परियोजनाओं के लिए पुन: उपयोग किया जा रहा है जो मुक्त दासों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने के अपने "दुखद इतिहास" से परे हैं। न्यायमूर्ति एलिटो ने कहा कि यह फैसला देकर न्यायालय ने एक गंभीर गलती की है।

झटका

ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट में लग चुके हैं 3 झटके

राष्ट्रपति ट्रंप को अब तक सुप्रीम कोर्ट से 3 बड़े झटके लग चुके हैं। इससे पहले फरवरी में आए फैसले ने उनके व्यापक टैरिफ उपायों को अमान्य घोषित कर दिया था। सोमवार को आए फैसले ने उन्हें फेडरल रिजर्व से गर्वनर लिसा कुक को तुरंत बर्खास्त करने से रोक दिया था। बता दें, सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ट्रंप द्वारा स्वयं नियुक्त 3 न्यायाधीश भी शामिल हैं, और इसने अन्य महत्वपूर्ण मामलों में राष्ट्रपति के पक्ष में फैसला सुनाया है।

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