अमेरिका की इजरायल को कड़ी नसीहत, कहा- वेस्ट बैंक में करें फिलिस्तीनियों की सुरक्षा
क्या है खबर?
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी तनाव के मध्य अमेरिका ने इजरायल सरकार को कड़ी नसीहत दी है। इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने साफ शब्दों में कहा है कि वेस्ट बैंक में रहने वाले फिलिस्तीनियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इजरायल सरकार की है। उन्होंने हाल ही में यहूदी प्रवासियों द्वारा फिलिस्तीनी नागरिकों पर बढ़ाए गए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इजरायल से दोषियों के खिलाफ गंभीर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
दौरा
हकाबी ने खुद किया प्रभावित इलाकों का दौरा
इजरायल और उसके यहूदी प्रवासियों के कट्टर समर्थक हकाबी ने शनिवार को खुद वेस्ट बैंक के तुरमुस अय्या कस्बे का दौरा किया।
वहां वह फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिक समीर हजमेह के घर पहुंचे, जिस पर यहूदी प्रवासियों ने बार-बार हमले किए हैं।
हकाबी ने कहा कि वह समुदाय की जायज शिकायतों को सुनने और उनकी स्थिति का जायजा लेने यहां आए हैं।
बता दें कि 4,000 की आबादी वाले तुरमुस अय्या के 80 प्रतिशत लोगों के पास अमेरिकी नागरिकता है।
बयान
हकाबी ने क्या दिया बयान?
हकाबी ने कहा, "इन समुदायों के लोगों को सुरक्षा और सुरक्षा के स्तर के साथ जीने का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इसे सुनिश्चित करे।"
उन्होंने कहा, "हमारा स्पष्ट संदेश है कि अपराध तो अपराध है। जब लोग ऐसा करते हैं, तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमलावरों पर कार्रवाई करना खुद इजरायल के हित में है, क्योंकि मुट्ठी भर उपद्रवियों की वजह से इजरायल की छवि खराब हो रही है।"
हिंसा
चुनाव से ठीक पहले बढ़ी हिंसा
इजरायल ने 1967 से वेस्ट बैंक पर कब्जा कर रखा है, जहां वर्तमान में 30 लाख फिलिस्तीनियों के बीच लगभग 5 लाख से अधिक इजरायली प्रवासी अवैध बस्तियों में रहते हैं।
हालांकि यहां हिंसा पुरानी समस्या है, लेकिन आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनावों से ठीक पहले इन हमलों में भारी उछाल आया है।
बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने नई बस्तियों को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है।
मांग
अमेरिकी दबाव बनाने की मांग
बैठक के दौरान स्थानीय फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिकों ने अपनी आपबीती साझा की।
हजमेह ने बताया कि उपद्रवियों ने 2 बार उनके घर के शीशे तोड़े और घर को आग लगाने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा के लिए कंटीले तार और अमेरिकी झंडा लगाना पड़ा।
एक अन्य नागरिक यासिर अलकाम समेत अन्य स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अमेरिका को इजरायल पर दबाव बढ़ना चाहिए ताकि इन हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जा सके।