अमेरिकी हमले के बाद भारतीय चालक दल ने लगाई थी आपातकालीन गुहार, तुरंत पहुंची थी मदद
क्या है खबर?
ईरान के नियंत्रण वाले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के तट पर सोमवार को अमेरिकी नौसेना ने एक तेल टैंकर पर हमला किया था, जिस पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। उस हमले के बाद का एक ऑडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें एक भारतीय सदस्य अधिकारियों से आपातकालीन गुहार लगाते सुना जा रहा है। संदेश में कहा जा रहा है, "कृपया मदद करें, टैंकर, एमटी मारिवेक्स, में आग लग गई है और वह डूब रहा है।"
संदेश
अमेरिकी हमले से लगी इंजन रूम में आग
संकटकालीन कॉल पर सदस्यों ने कहा, "सर, यह मोटर टैंकर मारिवेक्स है...हमारे जहाज में आग लग गई है और जहाज डूब रहा है।" सदस्य ने आगे कहा, "अमेरिकी नौसेना का हमला, मिसाइल हमारे इंजन रूम पर गिरी है। हमारे जहाज के निचले हिस्से में छेद हो गया है। जहाज पर आग लग गई है, कृपया मदद करें...मदद करें, मदद करें।" उन्होंने कहा, "सभी सदस्य भारतीय हैं। कुल 24 सदस्य हैं, सभी भारतीय हैं। हमें तत्काल सहायता की आवश्यकता है।"
बचाव
संदेश मिलते ही 20 मिनट में पहुंचकर सभी को बचाया गया
आपातकालीन संदेश मुंबई स्थित भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) को दोपहर लगभग 2:20 बजे मिला। उसे पता चला कि मसिराह के पास लंगर डालकर एमटी मारिवेक्स खड़ा है, जिस पर मिसाइल हमला हुआ है। उसने तुरंत ओमान समुद्री खोज और बचाव केंद्र (OMSC) से संपर्क किया। इसके बाद, ओमान रॉयल एयर फोर्स का एक हेलीकॉप्टर मसिराह द्वीप पर स्थित एयर बेस से 3:25 पर रवाना हुआ और 20 मिनट में मौके पर पहुंचकर सभी को बचाया।
ट्विटर पोस्ट
बचाव अभियान
Evacuation of Seafarers from Vessel Marivex in under process. Thanks for every one’s support @MEAIndia @DrSJaishankar @indiannavy @FsuiManoj @IMOHQ @ITFglobalunion pic.twitter.com/cyKIBqSqfh
— FSUI (@FSUIINDIA) June 8, 2026
हमला
अमेरिका ने नाकाबंदी तोड़ने पर किया हमला
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक बयान में हमले की बात स्वीकारते हुए कहा कि एक तेल टैंकर ने नाकाबंदी का उल्लंघन करके ईरानी बंदरगाह जाने का प्रयास किया, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया। सेना ने कहा, "USS अब्राहम लिंकन (CVN 72) के एक F/A-18 सुपर हॉर्नेट ने जहाज के इंजीनियरिंग और स्टीयरिंग क्षेत्रों में सटीक गोलाबारी की, क्योंकि चालक दल ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं किया। मारिवेक्स अब ईरान के लिए रवाना नहीं होगा।"