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अमेरिकी रक्षा सचिव का बड़ा बयान, बताया ईरान के खिलाफ युद्ध में आगे क्या होगा
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान युद्ध को लेकर अहम बयान दिया है

अमेरिकी रक्षा सचिव का बड़ा बयान, बताया ईरान के खिलाफ युद्ध में आगे क्या होगा

Mar 02, 2026
09:59 pm

क्या है खबर?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष तीसरे दिन भी जारी रहा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत शीर्ष नेतृत्व का खात्मा हो चुका है। नए अंतरिम सर्वोच्च नेता का ऐलान हो चुका है। ईरान खामेनेई की मौत से बौखलाया हुआ है और रह-रहकर जवाबी हमले कर रहा है। इस बीच अमेरिका के युद्ध विभाग की अहम बैठक हुई। इसके बाद रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अहम बयान देते हुए युद्ध में आगे की योजना बता दी।

बयान

हेगसेथ ने क्या दिया बयान?

हेगसेथ ने ईरान पर बढ़ते हमले और मध्य पूर्व में अमेरिका के पिछले अभियानों के बीच समानता को खारिज करते हुए कहा, "अमेरिका वर्तमान में इराक जैसे किसी और दलदल में नहीं फंस रहा है, बल्कि तेहरान की सैन्य शक्ति और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कुचलने के लिए एक निर्णायक अभियान चला रहा है।" उन्होंने कहा, "यह इराक नहीं है, यह अंतहीन युद्ध नहीं है, क्योंकि अमेरिकी हमले बढ़ रहे हैं और हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है।"

कारण

हेसगेथ ने बताया ईरान पर हमला करने का कारण

पेंटागन में हेसगेथ ने कहा, "यह अभियान तीव्र और व्यापक प्रभाव डालने के लिए तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य ईरान की मिसाइलों, ड्रोन, नौसेना बलों और परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना था।" उन्होंने कहा, "हम उन पर सटीक, व्यापक और निर्भीक ढंग से हमला कर रहे हैं। ईरान के परमाणु अभियान, वैश्विक समुद्री मार्गों को निशाना बनाना, बैलिस्टिक मिसाइलों और घातक ड्रोनों का बढ़ता जखीरा अब बड़े खतरे में है।"

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उद्देश्य

सत्ता परिवर्तन नहीं था हमले का उद्देश्य- हेसगेथ

हेसगेथ ने कहा, "यह तथाकथित सत्ता परिवर्तन का युद्ध नहीं था, लेकिन सत्ता परिवर्तन अवश्य हुआ है और दुनिया को इससे लाभ हुआ है।" उन्होंने कहा, "ईरान के पूर्व नेतृत्व को समझौते का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने इसका लाभ नहीं उठाया। वह शक्तिशाली मिसाइलें और ड्रोन तैयार कर रहा था ताकि वह परमाणु ब्लैकमेलिंग कर अपने लिए सुरक्षा कवच बना सके। वह परमाणु बम की दिशा में बढ़ते हुए हमारे सिर पर बंदूक ताने हुए था।"

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समय

कब तक चलेगा ईरान के खिलाफ युद्ध?

अभियानों की संभावित अवधि के बारे में पूछे जाने पर हेसगेथ ने कहा, "ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। इसका फैसला अकेले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही करेंगे।" उन्होंने कहा, "हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हम ही इसे समाप्त कर रहे हैं। अमेरिकियों पर उनका युद्ध उनके सर्वोच्च नेता खोमेनेई के खिलाफ हमारा प्रतिशोध बन गया है।"

बचाव

हेसगेथ ने किया ट्रंप के रुख का बचाव

पेंटागन प्रमुख ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर ट्रंप के हमले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप का रुख हमेशा एक जैसा रहा है। ईरान जैसे कट्टरपंथी शासन, जो इस्लामी विचारधारा के भ्रम में डूबे हुए हैं, परमाणु हथियार नहीं रख सकते। कई लोगों ने ऐसा कहा है, लेकिन इसे लागू करने के लिए साहस चाहिए और हमारे राष्ट्रपति में वह साहस है। यही कारण है कि हमने ईरान को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।"

शुरुआत

कैसे हुई मौजूद संघर्ष की शुरुआत?

दरअसल, इजरायल ने गत 28 फरवरी को अमेरिका की सेना के साथ मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था। उसने राजधानी तेहरान के अलावा करमानशाह, लोरेस्टन, तबरीज, इस्फहान और करज शहरों 30 से अधिक जगहों पर हमले किए थे। तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें खामेनेई समेत उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू की भी मौत हो गई। उसके बाद ईरान के जवाबी कार्रवाई शुरू करते ही संघर्ष भड़क गया।

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