वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा- रूसी अर्थव्यवस्था भारत पर निर्भर, युद्ध रोकने के लिए तेल व्यापार रोको
क्या है खबर?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने भारत-चीन समेत उन देशों को निशाने पर लिया, जो रूस के साथ तेल व्यापार करते हैं। जेलेंस्की ने इन देशों से रूस के साथ व्यापार बंद करने का आह्वान किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के बीच जेलेंस्की ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा कि रूस की अर्थव्यवस्था इन देशों को ऊर्जा बिक्री पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन युद्ध रोकना है तो रूस के साथ तेल व्यापार बंद करना होगा।
बयान
जेलेंस्की ने क्या कहा?
जेलेंस्की ने साक्षात्कार में कहा, "रूस अपनी अर्थव्यवस्था भारत, कभी-कभी तुर्की और चीन पर आधारित कर रहा है। और यह स्पष्ट है कि अगर ये देश रूस के साथ अपना ऊर्जा का व्यापार बंद कर देते हैं, तो रूस को युद्ध रोकना पड़ेगा।"
जेलेंस्की का बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक नेता 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए अमेरिका के न्यूयॉर्क में एकत्रित हुए हैं।
महासभा में रूस-यूक्रेन युद्ध और संघर्ष समाप्त करने का एजेंडा प्रमुखता से शामिल है।
व्यापार
रूस के साथ कितना है भारत का ऊर्जा व्यापार?
पश्चिमी देशों ने जब रूस पर प्रतिबंध लगाया तो उसने अपने ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा एशिया की ओर मोड़ दिया।
भारत-चीन रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदार हैं और अब तुर्की भी महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार बना है। हालांकि, भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद में गिरावट आई है।
अगस्त में भारत का रूसी तेल आयात 16.5 प्रतिशत घटकर लगभग 21 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया। सितंबर में और घटकर लगभग 19 लाख बैरल प्रतिदिन हो सकता है।
दबाव
अमेरिका ने टैरिफ से बनाया है दबाव
रूस से भारत और चीन समेत अन्य देशों का ऊर्जा व्यापार कम करने या बंद करने के लिए अमेरिका भी बड़ा दबाव बना रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में लिंडसे ओ ग्राहम 'सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट' पर हस्ताक्षर किए हैं, जो उन्हें रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है।
इन देशों में भारत और चीन भी शामिल हैं, जो कानून से प्रभावित हो सकते हैं।