यूक्रेन: ओडेसा बंदरगाह पर 4 भारतीयों वाले व्यापारिक जहाज पर हमला, 2 नाविक लापता
क्या है खबर?
रूस और यूक्रेन के मध्य जारी युद्ध के बीच काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले तेज हो गए हैं। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर शनिवार को 'MV AGN राग्नार' नामक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ, जिस पर 4 भारतीय नागरिक सवार थे। हमले के बाद 2 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं, जबकि अन्य दो के बारे में जानकारी आना अभी बाकी है। एक हफ्ते के भीतर भारतीय नाविकों को निशाना बनाकर किया गया यह दूसरा हमला है।
तलाश
2 नाविकों की जारी है तलाश
कीव स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जहाज पर सवार 4 भारतीयों में से 2 को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसी तरह अन्य 2 भारतीय नागरिकों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, उनकी तलाश और स्थिति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
दूतावास ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम और बचाव कार्य पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क रखा जा रहा है।
एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने काला सागर क्षेत्र के जहाजों पर काम करने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
इसमें कहा गया है कि अप्रैल के बाद से वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले काफी बढ़ गए हैं, जिसमें अब तक 5 भारतीयों की मौत हो चुकी है।
नाविकों को सलाह है कि वे इस मार्ग पर जाने से पहले नियोक्ता एजेंसियों से जहाज के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवर और आपातकालीन प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी हासिल करें।
जानकारी
विदेश मंत्रालय ने जारी किए आपातकालीन नंबर
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नाविकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नाविक किसी भी परेशानी में रूस स्थित भारतीय दूतावास +7 9652773414 और यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास +38 0933559958 पर संपर्क कर सकते हैं।
पृष्ठभूमि
एक हफ्ते में दूसरा हमला और भारत का कड़ा विरोध
काला सागर में पछले एक हफ्ते में भारतीय नाविकों वाले दूसरे जहाज पर हमला किया गया है। यह काफी गंभीर मामला है।
कुछ ही दिन पहले ओडेसा पोर्ट पर हुए एक रूसी हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।
उस हमले के तुरंत बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली में वरिष्ठतम रूसी राजनयिक को तलब कर इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था और भारतीयों की सुरक्षा को अहम मुद्दा बताया था।