ब्रिटेन ने ईरान पर हवाई हमलों के लिए अमेरिका को सैन्य अड्डों के इस्तेमाल से रोका
क्या है खबर?
ब्रिटेन ने ईरान पर संभावित हमले के लिए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से रोक दिया है। इसमें हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप और ग्लूस्टरशायर में स्थित RAF फेयरफोर्ड शामिल हैं। दोनों ठिकाने ईरान के खिलाफ दीर्घकालिक अभियान में लंबी दूरी के हवाई हमलों का उपयोग करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका अतीत में मध्य पूर्व क्षेत्र में हमले करने के लिए RAF फेयरफोर्ड और डिएगो गार्सिया का इस्तेमाल किया है।
आदेश
ट्रंप और कीर स्टारमर के बीच विवाद को लेकर फैसला
यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच डिएगो गार्सिया के अंतिम निपटारे को लेकर चल रहे विवाद से उपजा है। ब्रिटेन सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक राजनीतिक प्रक्रिया चल रही है, जिसका ब्रिटेन समर्थन करता है। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने में सक्षम नहीं होना चाहिए, और हमारी प्राथमिकता क्षेत्र में सुरक्षा है।
हमला
पिछले साल इसी द्वीप से अमेरिका ने किया था हमला
द वार जोन के मुताबिक, डिएगो गार्सिया लंबे समय से अमेरिकी सेना के लिए अत्यंत रणनीतिक परिचालन स्थल रहा है। यह अंतरिक्ष बल के अभियानों की मेजबानी करना, परमाणु पनडुब्बियों सहित अमेरिकी नौसेना के जहाजों के लिए एक प्रमुख बंदरगाह के रूप में कार्य करता है। पिछले साल इस द्वीप से मार्च में 6 बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक विमानों का बड़ा बेड़ा ईरान को निशाना बनाकर शक्ति प्रदर्शन के रूप में वहां पहुंचा था।