होर्मुज जलडमरूध्य को खुलवाने के लिए सैन्य अभियान में मदद करेगा UAE
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने फैसला किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बलपूर्वक खुलवाने के लिए अमेरिका की मदद को तैयार है। अगर ऐसा होता है तो UAE फारस की खाड़ी का पहला देश बन जाएगा, जो सीधे तौर पर इस संघर्ष में शामिल होगा। इससे खाड़ी देशों पर ईरानी हमले और तेज हो सकते हैं। बता दें कि होर्मुज को खुलवाने के लिए अमेरिका को अपने सहयोगी देशों से निराशा मिली है।
फैसला
क्या युद्ध में शामिल होगा UAE?
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, UAE अब ईरान के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की अनुमति देने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव के लिए दबाव डाल रहा है। देश के राजनयिकों ने भी अमेरिका, यूरोप और एशिया की सैन्य शक्तियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने का आह्वान किया है। UAE का मानना है कि जो देश हिचकिचा रहे हैं, वो UNSC की मंजूरी के बाद सामने आएंगे।
प्रस्ताव
अगर UNSC से प्रस्ताव पारित न हुआ, तो भी सहयोग करेगा UAE
रिपोर्ट के मुताबिक, UAE के इस प्रस्ताव का परिषद में रूस-चीन विरोध कर वीटो से रोक सकते हैं। बताया जा रहा है कि अगर प्रस्ताव पारित नहीं होगा, तो भी UAE सैन्य अभियान में सहयोग देगा। इसमें बारूदी सुरंगों को हटाने और अन्य सहायता शामिल है। UAE ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित द्वीपों पर नियंत्रण का सुझाव दिया है, जिसमें 5 दशक से ईरानी कब्जे वाला अबू मूसा द्वीप भी शामिल है, जिस पर UAE दावा करता है।
मदद
अमेरिका की कैसे मदद कर सकता है UAE?
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने 2 मार्च को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका-इजरायल और उसके सहयोगी देशों के लिए बंद कर दिया है, जो वैश्विक ईंधन आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। रिपोर्ट के मुताबिक, UAE के पास सैन्य अड्डे, जेबेल अली में गहरा बंदरगाह और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास एक स्थान है, जिससे वह अमेरिका की मदद कर सकता है। इससे द्वीपों पर नियंत्रण और वाणिज्यिक टैंकरों की सुरक्षित निकासी हो सकती है।