ट्रंप ने कहा- ईरान के साथ समझौता अंतिम नहीं, व्यवहार नहीं सुधरा तो फिर गोले बरसाएंगे
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के साथ हुए शांति समझौते को लेकर कहा कि यह अंतिम समझौता ज्ञापन नहीं है। उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "यह अंतिम समझौता ज्ञापन नहीं है, अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, तो हम उन पर फिर से गोली चलाना शुरू कर देंगे, उनके सिर पर बम गिरा देंगे।"
बयान
ईरान ठीक से व्यवहार करे- ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा, "अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, अगर वे ठीक से व्यवहार नहीं करते हैं, तो हम सीधे उनके सिर के बीचोंबीच बम गिराना शुरू कर देंगे।" उन्होंने समझौते के बारे में पत्रकारों से कहा, "यह एक बहुत मजबूत समझौता है। किसी को नहीं पता कि यह क्या है, लेकिन यह बहुत मजबूत है, और ज्यादातर लोग इससे बहुत खुश दिख रहे हैं।" बता दें कि ट्रंप शिखर सम्मेलन में समझौते को शानदार बता चुके हैं।
हमला
इजरायल को अभी तक नहीं मिले समझौते के दस्तावेज, लेबनान पर हमला
NBC न्यूज के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन को इजरायल ने नहीं देखा है। समझौते से पहले बातचीत में इजरायली सरकार के शामिल न होने से उनकी दुविधा बढ़ती जा रही है। इस बीच, लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NAA) ने दावा किया कि बुधवार को इजरायली जेट विमानों ने नबातीह अल-फौका क्षेत्र और पड़ोसी कफ़र तेबनीत के बाहरी इलाकों पर हमला किया है। इजरायली सेना की इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है।
समझौता
समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर हुए, 19 को औपचारिकता
ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते पर दोनों पक्षों के डिजिटल हस्ताक्षर हो गए हैं। अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हस्ताक्षर किए हैं। ईरान की ओर से ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने हस्ताक्षर किया है। गलिबाफ ईरान की ओर से शांति समझौते के प्रमुख वार्ताकार हैं। अब दोनों पक्षों की मुलाकात 19 जून को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होगा, जहां औपचारिक रूप से आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे।
शर्त
अमेरिका-ईरान समझौते में क्या है?
इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जाएगा, जो दुनिया का महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति का जलमार्ग है। साथ ही, ईरान से अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध हटाने का रास्ता खुलेगा। इसके बदले, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। दोनों पक्षों ने युद्धविराम 60 दिन बढ़ाया है, जिससे बातचीत और एक संभावित व्यापक समझौते के लिए गुंजाइश मिलेगी। लेबनान समेत सभी मोर्चों पर हमला बंद करना होगा, जिससे इजरायल सहमत नहीं है।