ईरान पर बड़े पैमाने का हमला करने की योजना बना रहे ट्रंप- रिपोर्ट
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नया और जोरदार हमला करने की योजना बना रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप और उनके शीर्ष सहयोगी कूटनीतिक प्रयास बाधित रहने की स्थिति में ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू करने की योजना बना रहे हैं। हाल ही में चीन से लौटते समय ट्रंप ने ईरान का शांति प्रस्ताव भी खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट
अगले हफ्ते शुरू हो सकते हैं हमले- रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन हर तरह की संभावित स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है। सैन्य योजनाकार युद्धविराम के बाद ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को संभावित रूप से फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट में मध्य पूर्व के 2 अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं वर्तमान में अपनी सबसे बड़ी संयुक्त तैयारियों में लगी हुई हैं और अगले हफ्ते की शुरुआत में संभावित हमलों के लिए तैयार हो रही हैं।
ईरान
ईरान को लेकर ट्रंप-जिनपिंग में हुई चर्चा
हाल ही में चीन दौरे के दौरान ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ईरान को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-चीन इस बात पर सहमत हैं कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। उन्होंने कहा, "ईरान के बारे में उनका मत है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। उन्होंने यह बात दृढ़ता से कही है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। वे चाहते हैं कि ईरान होर्मुज खोल दे।"
परमाणु हथियार
ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर बदल सकता है ट्रंप का रुख
जिनपिंग से मुलाकात के बाद ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपने रुख में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की परमाणु गतिविधियों को स्थायी रूप से बंद करने की मांग करने के बजाय 20 साल के सत्यापित निलंबन को स्वीकार कर सकता है। उन्होंने कहा, "20 साल काफी हैं, लेकिन उनकी ओर से गारंटी का स्तर दूसरे शब्दों में तो यह वास्तव में 20 साल का होना चाहिए।"
ईरान का रुख
ईरान का क्या रुख है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान को संकेत मिले हैं कि वाशिंगटन अभी भी कूटनीति जारी रखना चाहता है। उन्होंने BRICS विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के दौरान कहा, "हमें उम्मीद है कि बातचीत में प्रगति के साथ, हम एक अच्छे निष्कर्ष पर पहुंचेंगे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके और हम जलडमरूमध्य के माध्यम से यातायात के सामान्यीकरण में तेजी ला सकें।"