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पश्चिम एशिया के संघर्ष से प्रभावित हुए ये 12 देश, जानिए कैसे हैं मौजूदा हालात
पश्चिम एशिया के संघर्ष से प्रभावित हुए 12 देश

पश्चिम एशिया के संघर्ष से प्रभावित हुए ये 12 देश, जानिए कैसे हैं मौजूदा हालात

Mar 02, 2026
04:44 pm

क्या है खबर?

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को भीषण युद्ध के कगार पर ला दिया है। ईरान पर हुए हमलों के बाद बिगड़े हालातें से पश्चिम एशिया के कुल 12 से अधिक देश प्रभावित हैं। इन देशों में हवाई हमले, मिसाइल हमले, ऊर्जा ठिकानों पर खतरा और हवाई क्षेत्र के बंद होने से हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में आइए जानते हैं इस संघर्ष से कौन-कौन से देश प्रभावित हैं और वहां मौजूदा हालात क्या हैं।

शुरुआत

कैसे हुई मौजूद संघर्ष की शुरुआत?

दरअसल, इजरायल ने गत 28 फरवरी को अमेरिका की सेना के साथ मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था। उसने राजधानी तेहरान के अलावा करमानशाह, लोरेस्टन, तबरीज, इस्फहान और करज शहरों 30 से अधिक जगहों पर हमले किए थे। तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें खामेनेई समेत उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू की भी मौत हो गई। उसके बाद ईरान के जवाबी कार्रवाई शुरू करते ही संघर्ष भड़क गया।

बदला

ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों को बनाया निशाना

ईरान ने पलटवार करते इजरायल पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए। इसके अलावा मध्य-पूर्व में स्थित कई अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया। ईरान ने कतर में अल-उदीद एयर बेस, कुवैत में अल-सलेम एयर बेस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अल-धफरा एयर बेस और बहरीन में 5 अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागीं। इन हमलों में 100 अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर है। हालांकि, अमेरिका ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की।

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निशाना

ईरान ने इन देशों को बनाया निशाना

ईरान ने अमेरिका से बदला लेने के लिए इजरायल, कतर, कुवैत, UAE के अलावा सऊदी अरब, बहरीन, फिलिस्तीन, इराक और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सुविधाओं काे निशाना बनाने के लिए हमले किए हैं। इसके बाद इन देशों ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है और आपातकाल घोषित कर दिया है। इन देशों में नागरिकों की सुरक्षा खतरें में पड़ गई है और वहां की सरकारों ने जवाबी कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है।

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प्रभाव

संघर्ष से ईरान और इजरायल पर क्या पड़ा प्रभाव?

ईरान में खामेनेई की मौत के बाद से गहरा राजनीतिक और सैन्य संकट खड़ा हो गया है। इसके साथ ही आर्थिक और सुरक्षा संकट भी खड़ा हो गया है। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। इसी तरह इजरायल ऑपरेशन रोरिंग लायन के तहत ईरानी मिसाइलों का सामना कर रहा है। इसमें उसके प्रमुख हैवेस्ट बैंक को भी नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही वहां के नागरिकों के लिए भी सुरक्षा संकट खड़ा हो गया है।

अन्य

अन्य पश्चिमी एशियाई देशों की क्या है स्थिति?

ईरान ने सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इससे वहां की आवासीय संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। दुबई में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 58 लोग घायल हो गए हैं। इन देशों में ईरान समर्थित गुटों के हमले का खतरा भी बढ़ गया है। इराक और जॉर्डन भी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं।

सहयोग

ये देश ईरान के सहयोगी के रूप में प्रभावित

यमन, लेबनान और सीरिया ईरानी प्रॉक्सी के रूप में सीधे संघर्ष में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में अन्य पश्चिम एशियाई देशों के सामने इनके हमलों से निपटने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। हालांकि, अब भी तक इन देशों की ओर से अन्य देशों पर हमला करने की स्पष्ट रिपोर्ट सामने नहीं आई है। तुर्की के सामने मौजूदा हालात में क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती आ गई है।

चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी दी चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पश्चिम एशिया को एक व्यापक संघर्ष के कगार पर ला खड़ा किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2 का हवाला देते हुए सदस्य देशों से किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग से बचने की अपील की है।

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