सऊदी अरब के तट के पास तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, जहाज में लगी भीषण आग
क्या है खबर?
लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सऊदी अरब के लाल सागर तट के पास सोमवार को एक तेल टैंकर पर अज्ञात मिसाइल से हमला किया गया, जिसके बाद जहाज के मुख्य डेक पर भीषण आग लग गई। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वेनगार्ड टेक ने पुष्टि की है कि हमला झेलने वाला यह जहाज सऊदी अरब के ध्वज वाला टैंकर था, जिस पर मिसाइल दागी गई थी।
हमला
कैसे और कब हुआ यह हमला?
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह हमला सऊदी अरब के रणनीतिक शहर यानबू से लगभग 63 समुद्री मील पश्चिम में हुआ।
यानबू शहर यमन सीमा से कई सौ किलोमीटर उत्तर में स्थित है।
गनीमत यह रही कि हमले के बावजूद जहाज पर मौजूद सभी चालक दल सुरक्षित हैं और किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या समुद्री पर्यावरण पर तेल रिसाव का कोई असर नहीं देखा गया है।
हमलावर
यमन के हूती विद्रोहियों पर गहराया शक
हालांकि, इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन हालिया हरकतों को देखते हुए शक की सुई सीधे यमन के ईरान समर्थित हूती गुट पर है।
जुलाई में यमन की राजधानी सना में एक ईरानी विमान के उतरने के बाद पैदा हुए विवाद में हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ पूर्ण समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी।
उसके बाद से सऊदी से जुड़े जहाजों, हवाई अड्डों और तेल ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
चेतावनी
ईरान की IRGC ने भी जारी की चेतावनी
इस घटना के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने डेफा प्रेस से बातचीत में सऊदी अरब को खुली धमकी दी है।
उन्होंने कहा, "सऊदी अरब निश्चित रूप से यमन और हूती को रोकने में असमर्थ रहेगा और न ही वह उनके हमलों से सुरक्षित रह सकता है। जैसा कि हमने हाल के दिनों में देखा है, सऊदी अरब जितना अधिक हमला करेगा, बदले में उसे उतनी ही अधिक मार झेलनी पड़ेगी।"