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यमन युद्ध पर सऊदी अरब की बड़ी पहल, 2 हफ्ते के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा
यमन युद्ध पर सऊदी अरब ने रखा 2 हफ्ते के संघर्ष विराम का प्रस्ताव

यमन युद्ध पर सऊदी अरब की बड़ी पहल, 2 हफ्ते के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा

Sep 18, 2026
05:27 pm

क्या है खबर?

सऊदी अरब ने यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों के सामने 2 सप्ताह के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा है। ओमान के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव में दोनों पक्षों से सैन्य गतिविधियों को रोकने की बात कही गई है, ताकि सऊदी अधिकारियों और हूती नेतृत्व के बीच शांति वार्ता शुरू की जा सके। यह कदम ऐसे समय आया है जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर नियंत्रण बढ़ा लिया है और सऊदी पर हमलों को तेज कर दिया है।

प्रस्ताव

मानवीय मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष विराम की पेशकश

रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष विराम प्रस्ताव का उद्देश्य युद्ध में 2 सप्ताह का ठहराव लाना है, ताकि इस समय का उपयोग हूतियों की मानवीय मांगों को पूरा करने में किया जा सके।

यह अस्थायी शांति आगे चलकर दोनों पक्षों के बीच एक बड़े और स्थायी समझौते का रास्ता साफ करेगी।

रियाद और हूती विद्रोहियों के बीच मध्यस्थता करने वाला ओमान इस बार भी सना में मौजूद हूती नेतृत्व तक सऊदी अरब का शांति संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

इनकार

अमेरिका ने युद्ध में सीधे शामिल होने से किया इनकार

यमन में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ हूतियों के खिलाफ सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है।

हालांकि, अमेरिका ने सऊदी अरब को खुफिया जानकारी और सटीक टारगेटिंग सहायता देना लगातार जारी रखा है।

यह फैसला सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के बीच जेद्दा में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया है।

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जानकारी

अमेरिका ने दी F-35 लड़ाकू विमानों की बिक्री को मंजूरी

इसके अलावा, अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर (लगभग 2.33 लाख करोड़ रुपये) की अनुमानित लागत वाले 48 F-35 लड़ाकू विमानों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है, जो फिलहाल अमेरिकी कांग्रेस की अंतिम स्वीकृति के अधीन है।

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प्रयास

ओमान में अमेरिकी अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच हुई गुप्त वार्ता

सऊदी अरब के साथ-साथ अमेरिका ने भी ओमान में हूती प्रतिनिधियों के साथ गुप्त बातचीत की है।

रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बीते सप्ताहांत मस्कट स्थित अमेरिकी दूतावास में हूती आंदोलन के वरिष्ठ सदस्यों के साथ एक बैठक की थी।

उसमें हूती प्रतिनिधियों ने अमेरिकी अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि अमेरिकी जहाजों पर हमला करने की उनकी कोई योजना नहीं है और वे 2025 में हुए संघर्ष विराम समझौते का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

खतरा

हूतियों का बढ़ता प्रभाव वैश्विक तेल व्यापार के लिए बड़ा खतरा

यमन के लाल सागर तट पर हूतियों द्वारा हासिल की गई नई क्षेत्रीय बढ़त ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से होने वाले वैश्विक तेल और वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।

यह स्थिति विशेष रूप से सऊदी अरब के लिए अत्यधिक चिंताजनक है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी व्यवधानों के बीच उसके लिए अपने तेल निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए बाब अल-मंडेब ही एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बन गया है।

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