Loading...
कोलंबिया में आया 7.4 तीव्रता वाला शक्तिशाली भूकंप, अब तक हुई 47 लोगों की मौत
कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप आने से 47 लोगों की मौत हो चुकी है

कोलंबिया में आया 7.4 तीव्रता वाला शक्तिशाली भूकंप, अब तक हुई 47 लोगों की मौत

Aug 10, 2026
10:53 pm

क्या है खबर?

दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार सुबह एक बेहद शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.4 मापी गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह इस साल क्षेत्र में आने वाले सबसे बड़े भूकंपों में से एक है। भूकंप के कारण राजधानी बोगोटा में ऊंची इमारतों को खाली करा लिया गया। हजारों लोग घरों और कार्यालयों से बाहर आ गए। भूकंप जनित हादसों में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है।

केंद्र

जमीन से 107 किलोमीटर गहराई में था भूकंप का केंद्र

USGS और कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप सोमवार सुबह स्थानीय समयानुसार 07:34 बजे (भारतीय समायानुसार शाम 06:04 बजे) आया।

इसका केंद्र प्रशांत तटीय क्षेत्र में स्थित चोको प्रांत के सैन जोस डेल पाल्मार से महज 5 किलोमीटर पूर्व में था। जमीन के भीतर इसकी गहराई 107 किलोमीटर दर्ज की गई है।

राजधानी बोगोटा के अलावा मेडेलिन, काली सहित पूरे कोलंबिया और पड़ोसी देश वेनेजुएला की सीमा पर भी इसके झटके महसूस किए गए।

दहशत

राजधानी बोगोटा और अन्य शहरों में दहशत

भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में दहशत फैल गई और वह बचाव के लिए घरों से बाहर निकल भागे।

बोगोटा के मेयर कार्लोस गालान ने सोशल मीडिया पर बताया कि शहर की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कई मौतें हुई हैं और दर्जनों लोग मलबे में दबे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के झटके इतने तेज और लंबे थे कि इसका असर काफी देर तक रहा और शहर की इमारतों को झूलते हुए देखा गया।

ADVERTISEMENT

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें वीडियो

ADVERTISEMENT

मौत

पेरेइरा में हुई सबसे अधिक मौतें

कोलंबिया की राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन इकाई (UNGRD) ने तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

अब तक सामने आई रिपोर्ट में पेरेइरा में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। यहां 20से अधिक लोगों की मौत हुई है।

इसी तरह बाले डेल काउका क्षेत्र में 3 बच्चों समेत 15 से अधिक लोगों की मौत हुई है। चोको, मनिजालेस, एंटिओक्विया और बुएनावेंचुरा से भी मौत की खबरें आई हैं।

कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

नुकसान

भूकंप से इमारतों को हुआ बड़ा नुकसान

द गार्जियन के अनुसार, कैली शहर में करीब 20-25 इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गई हैं, जिनमें कई लोग फंस गए।

पेरेइरा में भी एक 4 मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। कैली शहर के बाले इवारिस्टो गार्सिया यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की 5 मंजिलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

मनिजालेस शहर में स्थित प्रसिद्ध चर्च कैथेड्रल बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ द रोजरी का एक बड़ा टॉवर ढहकर उसके मुख्य हिस्से पर गिर गया।

जानकारी

6 प्रमुख हवाई अड्डों से बंद हुआ विमान संचालन

भूकंप से हुए नुकसान के कारण देश के 6 प्रमुख हवाई अड्डो (पेरेइरा, मनिजालेस, आर्मेनिया, किब्दो, कार्तागो और बुएनावेंचुरा) पर विमान संचालन पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है। पेरेइरा के माटेकाना हवाई अड्डे का एक हिस्सा गिर गया।

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें वीडियो

प्रयास

राष्ट्रपति ने किया आपातकालीन एकीकृत कमांड पोस्ट का गठन

राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीला ने लोगों की मदद के लिए बोगोटा में एक आपातकालीन एकीकृत कमांड पोस्ट का गठन किया है ताकि प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा सके और मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।

इसी तरह आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान तेज करने के लिए सेना की 5 विशेष टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है, जो काम में जुटी हैं। हर तरफ तबाही का मंजर है।

खोज

मलबे में दबे लोगों की खोज में किया जा रहा तकनीक का इस्तेमाल

NDRF की तर्ज पर स्थानीय सिविल डिफेंस, रेड क्रॉस और सेना की टीमें मलबे के नीचे दबे जीवित लोगों को ढूंढने के लिए खोजी कुत्ते और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं।

कॉन्वॉय ऑफ होप और डायरेक्ट रिलीफ जैसी अंतरराष्ट्रीय आपदा राहत संस्थाएं प्रभावित परिवारों तक तत्काल चिकित्सा सहायता, भोजन और साफ पानी पहुंचा रही हैं।

परेशानी की बात यह है कि भूकंप के बाद लगातार 2.8 और 4.8 तीव्रता के हल्के झटके महसूस किए जा रहे हैं।

परेशानी

'रिंग ऑफ फायर' का खतरा

कोलंबिया भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है। यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखी विस्फोट वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है।

इस क्षेत्र में कई टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में मिलती हैं। यही कारण है कि इस पूरे क्षेत्र में बार-बार भूकंप के झटके लगते हैं।

वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों में दोबारा झटके लगने की चेतावनी के साथ लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

ADVERTISEMENT